Chaibasa: पश्चिमी सिंहभूम जिले के बंदगांव प्रखंड अंतर्गत हिरणी जलप्रपात स्थित गेस्ट हाउस में आयोजित एक समारोह में झारखंड के विभिन्न पर्यटन स्थलों पर वर्षों से कार्यरत पर्यटक मित्रों ने खूंटी के झामुमो विधायक रामसूर्या मुंडा को शॉल ओढ़ाकर और पुष्पगुच्छ भेंटकर सम्मानित किया. इस दौरान पर्यटक मित्र संघ के अध्यक्ष राजकिशोर प्रसाद ने कहा, कि विधायक रामसूर्या मुंडा ने विधानसभा में न केवल अपने क्षेत्र, बल्कि अन्य विधानसभा क्षेत्रों एवं जिलों में कार्यरत पर्यटक मित्रों के हितों की बात उठाई है, जिससे उन्हें पीएफ लाभ मिलने का मार्ग प्रशस्त हुआ है. उन्होंने कहा कि विधायक ने वोट की राजनीति से ऊपर उठकर काम किया है.
सेवानिवृत्त फौजी और चौकीदारों को पर्यटक मित्र बनाने की योजना पर काम कर रही सरकार
राजकिशोर प्रसाद ने कहा कि सरकार द्वारा बनाई जा रही नई नियमावली पर्यटक मित्रों के हितों के खिलाफ साबित हो सकती है. उन्होंने इस ओर विधायक का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा, कि सरकार अब बाहर से सेवानिवृत्त फौजी और चौकीदारों को पर्यटक मित्र बनाने की योजना पर काम कर रही है, जो स्थानीय कार्यरत पर्यटक मित्रों के लिए नुकसानदायक होगा. उन्होंने बताया कि पिछले 12 वर्षों से पर्यटक मित्र मात्र 9500 रुपये मानदेय पर पूरी निष्ठा के साथ कार्य कर रहे हैं, जबकि विभाग ने 25-25 हजार रुपये वेतन पर दो पर्यटक पर्यवेक्षक नियुक्त किए हैं. इनमें भरत कच्छप को हुंडरू, जोन्हा और सीता फॉल तथा बासुदेव महली को हिरणी, पंचघाघ और दशम फॉल की जिम्मेदारी दी गई है. उन्होंने आरोप लगाया कि ये पर्यवेक्षक सप्ताह में एक-दो दिन आकर केवल आधा घंटा रुककर फोटो खिंचवाकर चले जाते हैं, जो अनुचित है.

पर्यटक मित्रों की मांगों को पूरी संवेदना के साथ रखा जाएगा सरकार के समक्ष- विधायक
इस दौरान विधायक रामसूर्या मुंडा ने कहा, कि पर्यटक मित्रों की मांगों को वे पूरी संवेदना के साथ सरकार के समक्ष रखेंगे और उन्हें न्याय दिलाने का प्रयास करेंगे. उन्होंने स्वीकार किया कि पर्यटक मित्रों की मेहनत के कारण ही पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हुई है. राज्य सरकार पर्यटन स्थलों के विकास और स्थानीयता को प्राथमिकता दे रही है. कार्यक्रम को विधायक प्रतिनिधि डिक्सन पूर्ती, तमाड़ विधायक के प्रतिनिधि मनोज मंडल, मुखिया सुखराम सरूकद और नोतरोत पुर्ती ने भी संबोधित किया.
पर्यटक कर्मियों ने विधायक को सौंपा 19 सूत्री मांगपत्र
इस अवसर पर झारखंड राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थल हुण्डरू, जोन्हा, सीता, दशम, पंचघाघ, हिरणी एवं लोध जलप्रपातों में कार्यरत पर्यटन कर्मियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर झारखंड टूरिज्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (JTDC) द्वारा तैयार की जा रही नई नियमावली में उन्हें शामिल करने की मांग की है. कार्यक्रम के दौरान पर्यटक मित्रों ने विधायक रामसूर्या मुंडा को 19 सूत्री मांगपत्र सौंपा. पर्यटन कर्मियों ने बताया कि वर्तमान में लगभग 95 कर्मचारी विभिन्न जलप्रपातों पर कार्यरत हैं, लेकिन उन्हें अब तक किसी भी प्रकार की सरकारी सुविधा या स्थायी सेवा का लाभ नहीं मिला है.
मांगपत्र में उन्होंने नियुक्ति में स्थानीय ग्रामसभा निवासी को प्राथमिकता देने, सेवा को स्थायी करने, न्यूनतम योग्यता आठवीं पास रखने तथा मृत्यु या सेवानिवृत्ति की स्थिति में आश्रितों को बिना ग्रामसभा प्रक्रिया के सीधी नियुक्ति देने की मांग रखी. इसके अलावा 8 घंटे ड्यूटी, ओवरटाइम भुगतान, मास्टर रोल से हटाकर मासिक वेतन, साप्ताहिक अवकाश, सरकारी अवकाश पर दोगुना वेतन, 20 लाख रुपये का बीमा, पहचान पत्र, वर्दी और बोनस की भी मांग की गई.
पर्यटकों के लिए प्राथमिक उपचार किट और एंबुलेंस की व्यवस्था करने की मांग
पर्यटक मित्रों ने कार्यस्थल को केवल स्थानीय फॉल क्षेत्र तक सीमित रखने, समय-समय पर प्रशिक्षण देने तथा पीक सीजन में पर्यटकों के लिए प्राथमिक उपचार किट और एंबुलेंस की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग भी की. उन्होंने फॉल प्रभारियों के वेतन वृद्धि, पदोन्नति व्यवस्था, विवाद की स्थिति में विभागीय सहयोग तथा JTDC मुख्यालय आने-जाने के लिए टीए/डीए देने की भी मांग रखी. पर्यटन कर्मियों ने जोर देकर कहा, कि सभी पर्यटन स्थलों का संचालन केवल पर्यटन विभाग के माध्यम से ही हो और किसी भी गैर-सरकारी एजेंसी को इसका संचालन न सौंपा जाए.
कार्यक्रम में राजकिशोर प्रसाद, देवेंद्र सिंह, दुर्गा भेंगरा, बालेश्वर बेदिया, बुधराम बेदिया, चंद्रूदाय बेदिया, राजेंद्र महतो, प्रदीप महतो, जोगेश्वर अहिर, संजय ढ़ोडराय, विलियम बोदरा, दिलीप सिंह, नंदराम पूर्ती, सचिन पूर्ती, बिरसिंह पूर्ती, चमना पूर्ती, ललन सिंह पूर्ती, लेम्सा मुंडा, राम पूर्ती, संजू पूर्ती, नितेश पूर्ती समेत अन्य उपस्थित रहे.
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