Ranchi: उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा पेपर लीक व धांधली मामले में गिरोह के चार सदस्य गौरव कुमार, रोशन कुमार, कुमार आदित्य उर्फ मोनू कुमार और सोनू शर्मा की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई हुई. सुनवाई अपर न्यायायुक्त योगेश कुमार की अदालत में हुई. अदालत ने गौरव कुमार के मामले की सुनवाई 2, रौशन कुमार के मामले की सुनवाई 4 जबकि कुमार आदित्य उर्फ मोनू कुमार और सोनू शर्मा की अग्रिम जमानत याचिका पर 6 जुलाई को सुनवाई की तिथि निर्धारित की है. कोर्ट ने निचली अदालत की रिकॉर्ड (एलसीआर) की मांग है. उस रिकॉर्ड के आने के बाद मामले की सुनवाई की जायेगी.
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मास्टरमाइंड सहित गिरोह के 8 सदस्य और 5 अभ्यर्थी अभी भी हैं जेल में
मास्टरमाइंड अतुल वत्स तथा गिरोह के सदस्य विकास कुमार, आशीष कुमार, योगेश कुमार, मुकेश कुमार और बिहार से पकड़े गये 3 सदस्य सहित 8 अभी भी जेल में बंद हैं. इसके अलावा 5 अभ्यर्थी भी जेल में हैं. उनकी जमानत पर सुनवाई होनी है.
क्या है पूरा मामला?
बता दें कि उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा 13 अप्रैल को आयोजित होने वाली थी. 12 अप्रैल की रात अभ्यर्थियों को उत्तर रटवाये जा रहे थे. मामले में अभ्यर्थी सहित 166 आरोपियों को तमाड़ पुलिस ने रड़गांव से गिरफ्तार किया था. इसमें सरगना सहित 5 मास्टरमाइंड, 7 महिला, 152 अभ्यर्थी सहित 164 आरोपी शामिल हैं. जमानत के लिए 83 याचिका दाखिल गयी थी, जिसमें 78 याचिकाओं पर सुनवाई के बाद आरोपियों को जमानत दी गई. अदालत ने सुनवाई के दौरान केस डायरी की मांग की. लेकिन तमाड़ पुलिस ने केस डायरी प्रस्तुत नहीं किया. इसके कारण सुनवाई तीन बार टल चुकी थी. इस पर अदालत ने अंतिम मौका देते हुए अगली तारीख तक हर हाल में केस डायरी प्रस्तुत करने का निर्देश दिया. इसके बाद केस डायरी प्रस्तुत किया गया और आरोपियों को जमानत मिल गयी.
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रड़गांव के नर्सिंग कॉलेज में हुई थी छापेमारी
तमाड़ थाना क्षेत्र के रड़गांव स्थित निर्माणाधीन नर्सिंग कॉलेज में पुलिस छापेमारी के दौरान इस बड़े रैकेट का खुलासा हुआ था. जांच में सामने आया कि परीक्षा से पहले अभ्यर्थियों को प्रश्नों के उत्तर रटवाए जा रहे थे और संगठित गिरोह इस धांधली को अंजाम दे रहा था. अभ्यर्थियों से परीक्षा के पहले तीन लाख व उसके बाद नियुक्ति के समय 10 लाख रुपये देना तय किया गया था. लेकिन रडगांव में इतनी संख्या लोगों के जमा होने पर ग्रामीणों को नक्सली या आपराधिक गतिविधियों का शक होने पर पुलिस को सुचना दी थी. उसके बाद मामले का खुलासा हुआ था.


