Chaibasa: काकुईता देशाउली के संरक्षण एवं प्रबंधन को लेकर मोंगरा, हेस्सापी और काकुईता गांव के ग्रामीणों की संयुक्त बैठक आयोजित की गई. बैठक में तीनों गांवों के ग्रामीणों ने भाग लेकर देशाउली से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की. बैठक में देशाउली क्षेत्र के संरक्षण, सीमांकन, पथलगड़ी, क्षेत्र के प्रबंधन तथा प्रवेश एवं गतिविधियों से संबंधित नियमों पर विचार-विमर्श किया गया. ग्रामीणों ने देशाउली को स्थानीय धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व का स्थल बताते हुए इसके संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता पर जोर दिया.
काकुईता देशाउली संरक्षण समिति-2026 का गठन
चर्चा के दौरान सुखमोहन सिंकु, अर्जुन सिंकु, निर्मल सिंकु, सुरेंद्र सिंकु, गुराय सिंकु, चिरु सिंकु, मनोज तुबिड और सरजोम सिंकु सहित अन्य ग्रामीणों ने अपने विचार रखे. बैठक में देशाउली क्षेत्र के संरक्षण और प्रबंधन के लिए एक समिति गठित करने का निर्णय लिया गया. साथ ही “काकुईता देशाउली संरक्षण समिति-2026” का गठन किया गया. समिति में रेशमा सिंकु को अध्यक्ष, सुरेंद्र सिंकु को उपाध्यक्ष, मनोज तुबिड को सचिव, अजय सिंकु को सह सचिव, सुदर्शन सिंकु को कोषाध्यक्ष, सरजोम सिंकु को सह कोषाध्यक्ष तथा निर्मल सिंकु को संयोजक चुना गया. इसके अलावा सलाहकार एवं सदस्य पदों पर भी विभिन्न ग्रामीणों को शामिल किया गया.
बैठक के अंत में ग्रामीणों ने देशाउली के संरक्षण एवं प्रबंधन से संबंधित कार्यों में सहयोग करने तथा समिति के माध्यम से तय किए गए नियमों के पालन पर सहमति व्यक्त की. ग्रामीणों ने कहा कि समिति देशाउली क्षेत्र के संरक्षण और उससे जुड़े विषयों पर आगे आवश्यक कदम उठाएगी.
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