Ranchi : बोकारो जिले से अक्टूबर 2020 से लापता 14 वर्षीय नाबालिग की मां उषा झा की हेबियस कॉर्पस याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट में मंगलवार को सुनवाई हुई. सुनवाई न्यायाधीश सुजीत नारायण प्रसाद और न्यायाधीश प्रदीप श्रीवास्तव की खंडपीठ में सुनवाई हुई. सोमवार की सुनवाई के दौरान अदालत ने सीआईडी के एडीजी को सशरीर उपस्थित होने का निर्देश दिया था. जिसके आलोक में सीआईडी के एडीजी मनोज कौशिक कोर्ट के समक्ष उपस्थित हुए. उन्होंने कोर्ट को बताया कि वे व्यक्तिगत रूप से इस मामले को देख रहे है और सीआईडी की टीम ने इस केस की जांच शुरू कर दी है. कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए दो सप्ताह बाद की तारीख निर्धारित की है. मामले में प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता विन्सेंट मार्की ने बहस की.
अप्रैल के अंतिम सप्ताह में मामला CID को दिया गया
सोमवार की सुनवाई के दौरान CID एवं पिंड्राजोड़ा थाना में दर्ज मामले के अनुसंधानकर्ता अदालत में सशरीर उपस्थित रहे. इससे पहले हुई सुनवाई में राज्य सरकार के अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि अप्रैल माह के अंतिम सप्ताह में मामले की जांच के लिए केस CID को हस्तांतरित किया गया था. इस पर CID की ओर से बताया गया कि 5 मई को केस दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया है. मौके पर उपस्थित CID इंस्पेक्टर से अदालत ने पूछा कि अब तक मामले में क्या जांच की गई है. इस पर राज्य सरकार के अधिवक्ता ने अदालत से आग्रह किया कि सरकार इस संबंध में CBI से आवश्यक परामर्श करना चाहती है. इसके बाद अदालत ने मामले की जांच CBI को सौंपने पर निर्णय लेने से पहले CID के एडीजी को तलब किया था.

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