Ranchi: जमशेदपुर में हुई हालिया हत्या की वारदात और बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर सीएम हेमंत सोरेन ने बेहद सख्त रुख अख्तियार किया है. विधि-व्यवस्था बनाए रखने में विफलता और आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण न लगा पाने के कारण जमशेदपुर के एसएसपी पीयूष पांडेय और सरायकेला-खरसावां के एसपी निधि द्विवेदी को तत्काल प्रभाव से उनके पदों से हटा दिया गया है. इन दोनों अधिकारियों को पुलिस मुख्यालय से संबद्ध (वेटिंग फॉर पोस्टिंग) कर दिया गया है. इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल की जानकारी देते हुए सीएम ने स्पष्ट किया गया है कि जनता की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और कर्तव्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही या जवाबदेही से बचने की अनुमति नहीं दी जाएगी. क्षेत्र में कैंप करेंगे बड़े अधिकारी, प्रतिदिन होगी समीक्षा
जमशेदपुर और आसपास के इलाकों में शांति व कानून-व्यवस्था बहाल करने के लिए सरकार ने सीधे उच्चाधिकारियों को मोर्चे पर लगा दिया है. चाईबासा के आयुक्त और रांची के एडीजी को प्रभावित क्षेत्र में लगातार कैंप करने का निर्देश दिया गया है. ये अधिकारी क्षेत्र की स्थिति पर पैनी नजर रखेंगे और प्रतिदिन कानून-व्यवस्था की समीक्षा करेंगे.

DIG (कोल्हान/जमशेदपुर) को भी जमशेदपुर में ही रहकर कानून-व्यवस्था की प्रत्यक्ष रूप से निगरानी करने के आदेश दिए गए हैं:
“अपराधियों के विरुद्ध होगी कठोर कार्रवाई”
सीएम की ओर से कड़ा संदेश देते हुए कहा गया है कि अपराधियों के खिलाफ बेहद सख्त कदम उठाए जाएंगे. इस मामले में पुलिस प्रशासन की लापरवाही को कतई बर्दाश्त नहीं किया गया है और आने वाले दिनों में सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं. अधिकारियों की इस सामूहिक तैनाती का उद्देश्य क्षेत्र में अपराधियों के हौसले पस्त करना और आम जनता के बीच सुरक्षा का भाव पैदा करना है.



