Ranchi: निवारणपुर स्थित RSS कार्यालय में हुई घटना को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव आलोक कुमार दूबे ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि जांच पूरी होने से पहले राजनीतिक निष्कर्ष निकालना भाजपा की “पुरानी चुनावी रणनीति” का हिस्सा है. दूबे ने कहा कि घटना की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषी कोई भी हो, उसे कानून के तहत सख्त सजा मिलनी चाहिए. लेकिन जांच से पहले ही भाजपा नेताओं का आरोप-प्रत्यारोप शुरू कर देना कई सवाल खड़े करता है. उन्होंने कहा कि पुलिस और जांच एजेंसियों को अपना काम करने दिया जाना चाहिए, न कि राजनीतिक बयानबाजी के जरिए माहौल बनाने की कोशिश की जानी चाहिए.
पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो
कांग्रेस नेता ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस तरह भाजपा नेता RSS कार्यालय की घटना को लेकर सड़कों पर सक्रिय दिख रहे हैं, काश उतनी ही चिंता पेपर लीक से बर्बाद हो रहे लाखों युवाओं के भविष्य, बढ़ती बेरोजगारी और महंगाई को लेकर भी दिखाई देती. उन्होंने कहा कि छात्रों के सपने टूट रहे हैं, किसान परेशान हैं और आम जनता महंगाई की मार झेल रही है, लेकिन भाजपा इन मुद्दों पर खामोश रहती है. आलोक दूबे ने आरोप लगाया कि चुनावी मौसम आते ही भाजपा समाज को बांटने वाले मुद्दों को आगे बढ़ाने लगती है. उन्होंने कहा कि “दूध का दूध और पानी का पानी” पुलिस जांच के बाद सामने आ जाएगा, इसलिए भाजपा नेताओं को जांच एजेंसियों से पहले फैसला सुनाने की आदत छोड़नी चाहिए. उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसी भी तरह की हिंसा का समर्थन नहीं करती, लेकिन हर घटना को राजनीतिक चश्मे से देखने और जांच पूरी होने से पहले माहौल बनाने की राजनीति भी लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है. कांग्रेस ने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और सच्चाई सामने आने तक सभी दल जिम्मेदार व्यवहार करें.



