Hazaribagh: आगामी सांगठनिक चुनौतियों और चुनावी समर को देखते हुए हजारीबाग जिला कांग्रेस कमेटी ने बूथ स्तर पर अपनी पकड़ को अभेद्य बनाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है. इसी सिलसिले में हजारीबाग के विख्यात जिला कांग्रेस कार्यालय कृष्ण बल्लभ आश्रम में रविवार को सभी प्रखंड एवं मंडल अध्यक्षों की एक अत्यंत महत्वपूर्ण ‘बीएलए-2’ समीक्षा बैठक हुई. साथ ही प्रदेश एवं जिला स्तर पर जारी अधिसूचना के उपरांत प्रतिनिधित्व संबंधित निवारण कार्य दिवस का आयोजन किया गया. इस उच्च स्तरीय सांगठनिक बैठक की अध्यक्षता जिला उपाध्यक्ष सह जिला कांग्रेस के मीडिया अध्यक्ष निसार खान ने किया. बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय सचिव सह झारखंड सह-प्रभारी भूपेंद्र मरावी और विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रदेश महासचिव सह जिला संगठन प्रभारी राजीव रंजन प्रसाद मुख्य रूप से उपस्थित रहे. उन्होंने एक-एक प्रखंड की जमीनी स्थिति की बारीकी से समीक्षा की.

मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए बूथ स्तर की मजबूत घेराबंदी करेगी कांग्रेस: भूपेंद्र मरावी
बैठक को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए राष्ट्रीय सचिव व प्रदेश सह-प्रभारी भूपेंद्र मरावी ने संगठन के सभी पदाधिकारियों को चुनावी और सांगठनिक पैंतरेबाजी की बारीकियां सिखाईं. उन्होंने कहा कि एसआईआर की मुकम्मल तैयारियों एवं देश के आम नागरिकों के मौलिक अधिकारों की मुकम्मल सुरक्षा को लेकर कांग्रेस पार्टी ने इस रणनीतिक समीक्षा बैठक को आहूत किया है. उन्होंने संगठन की वर्तमान सांगठनिक स्थिति, बूथ स्तर पर की जा रही तैयारियों तथा आम नागरिकों के अधिकारों की रक्षा को लेकर नेताओं के साथ विस्तार से चर्चा की. प्रखंड तथा मंडल अध्यक्षों को कड़ा टास्क सौंपते हुए मरावी ने दोटूक शब्दों में कहा कि जो अध्यक्षगण बीएलए-2 की नियुक्तियां पूरी कर चुके हैं या जिन क्षेत्रों में यह नियुक्तियां अब तक किन्हीं कारणों से बाकी हैं, वे सभी अविलंब इसे पूरा करके इसकी अंतिम सूची जिला कार्यालय को समर्पित करें. उन्होंने संगठन को बूथ स्तर तक लोहे की तरह मजबूत करने और पूरे जिले में व्यापक जनसंपर्क अभियान को और तेज करने पर विशेष जोर दिया.
हर प्रखंड में आयोजित होंगे संवाद कार्यक्रम: राजीव रंजन प्रसाद
सत्र को विशिष्ट अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए प्रदेश महासचिव सह जिला प्रभारी राजीव रंजन प्रसाद ने पार्टी की प्रतिबद्धता दोहराई. उन्होंने कहा कि समाज के हर नागरिक, विशेषकर सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर और पिछड़े वर्गों के अधिकारों की सुरक्षा को लेकर कांग्रेस पार्टी हमेशा से प्रतिबद्ध रही है. प्रदेश नेतृत्व के कड़े निर्देशों का हवाला देते हुए उन्होंने घोषणा की कि बहुत जल्द हजारीबाग के प्रत्येक प्रखंड में विशेष ‘संवाद कार्यक्रम’ आयोजित किए जाएंगे, ताकि सीधे आम जनता के बीच बैठकर उनकी बुनियादी समस्याओं को सुना जा सके और उसे सदन से लेकर सड़क तक मजबूती से उठाया जा सके. संगठनात्मक पारदर्शिता पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि संगठन की बेहतरी और सुदृढ़ीकरण के लिए कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की तरफ से कई महत्वपूर्ण सुझाव पत्र उन्हें प्राप्त हुए हैं, जिनका निवारण जिला और प्रदेश स्तर पर बहुत शीघ्र ही कर दिया जाएगा ताकि किसी भी निष्ठावान कार्यकर्ता को कोई शिकायत न रहे.
प्रदेश से लेकर प्रखंड स्तर के दर्जनों दिग्गज नेता जुटे, सांगठनिक एकजुटता का संकल्प
सांगठनिक मजबूती के इस महाजुटान में प्रदेश और जिला स्तर के बड़े नेताओं ने अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई. बैठक में मुख्य रूप से प्रदेश महासचिव सुरजीत नागवाला, शांतनु मिश्रा, प्रदेश को-ऑर्डिनेटर शैलेंद्र कुमार यादव, प्रदेश सचिव रेणू देवी, मनीषा टोप्पो, संयुक्त सचिव डॉ. प्रकाश कुमार, पूर्व सदर प्रत्याशी मुन्ना सिंह, वरिष्ठ नेता अशोक देव, पूर्व सचिव शशि मोहन सिंह, पूर्व जिला अध्यक्ष देवराज कुशवाहा, नगर अध्यक्ष परवेज अहमद, सेवादल अध्यक्ष गुड्डू सिंह, एससी सेल के अध्यक्ष मुकेश पासवान, सहकारिता विभाग के अध्यक्ष कृष्णा किशोर प्रसाद, ओबीसी अध्यक्ष अजय प्रजापति, पूर्व नगर अध्यक्ष मनोज नारायण भगत, वरिष्ठ कांग्रेसी वीरेंद्र कुमार सिंह, राजू चौरसिया, नरेश गुप्ता, कजरु साव, सुनील कुमार ओझा, धीरज कुमार सिंह, दिलीप कुमार रवि, जावेद इकबाल, दीपक गुप्ता, बाबर अंसारी, विजय कुमार सिंह, मोहम्मद रब्बानी और सैयद अशरफ अली मुख्य रूप से उपस्थित रहे. इनके अलावा जमीनी स्तर पर कमान संभालने वाले प्रखंड अध्यक्षों में मोहम्मद मोइनुद्दीन, प्रदीप मंडल, अब्दुल मनान वारसी, अब्बास अंसारी, नौशाद आलम, नरसिंह प्रजापति, गोवर्धन गंझू, कृष्ण चंद्र यादव, आरिफ अंसारी, इंद्रदेव यादव, उमाशंकर प्रसाद, मोहम्मद खुर्शीद, ओमप्रकाश मिश्रा, अरुण कृष्णा और मंसूर आलम के अतिरिक्त सैकड़ों की संख्या में सक्रिय कांग्रेसी कार्यकर्ता उपस्थित थे, जिन्होंने एक सुर में आगामी सांगठनिक रूपरेखा को सफल बनाने का संकल्प लिया.
