Chakradharpur: पेट्रोल-डीजल एवं रसोई गैस की कीमतों को लेकर कांग्रेस द्वारा किए जा रहे विरोध पर भाजपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष पवन शंकर पांडे ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. पांडे ने कहा कि कांग्रेस मूल्य वृद्धि को लेकर अनावश्यक हाय-तौबा मचा रही है और जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है. देश में सबसे अधिक समय तक शासन करने वाली कांग्रेस के कार्यकाल में भी कई बार पेट्रोल, डीजल एवं गैस के दाम बढ़ाए गए थे.

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि
उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में केंद्र में भाजपा सरकार बनने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पेट्रोल-डीजल के दामों में कमी कर जनता को राहत दी गई थी. वर्तमान में भी केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर 10 रुपये एक्साइज ड्यूटी कम कर जनता को राहत देने का काम किया है. अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों, विशेषकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि हुई है, जिसका असर देश में भी देखने को मिल रहा है. ऐसे समय में कांग्रेस को राजनीतिक बयानबाजी छोड़ वास्तविकता को समझना चाहिए. पांडे ने कहा कि लगभग चार वर्षों के बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि हुई है, जबकि कांग्रेस के शासनकाल में हर वर्ष कीमतें बढ़ाई जाती थीं.
राज्य सरकार वैट में कमी करे तो आम जनता को मिलेगी राहत
उन्होंने कांग्रेस को सलाह देते हुए कहा कि वह विरोध करने के बजाय झारखंड विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए वादों को पूरा करने पर ध्यान दें. कांग्रेस ने चुनाव के समय 450 रुपये में एलपीजी गैस सिलेंडर देने का वादा किया था, लेकिन सरकार गठन के लगभग 18 महीने बाद भी जनता को इसका लाभ नहीं मिल पाया है. पांडे ने कहा कि झारखंड सरकार पेट्रोल-डीजल पर लगभग 25 प्रतिशत वैट वसूल रही है. यदि राज्य सरकार वैट में कमी करे तो आम जनता को राहत मिल सकती है. कांग्रेस के समर्थन से राज्य में सरकार चल रही है, इसलिए कांग्रेस को राज्य सरकार से बात कर वैट कम कराने की पहल करनी चाहिए.
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