Jamtara: जामताड़ा पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 9 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है. शनिवार को आयोजित प्रेस वार्ता में पुलिस अधीक्षक शंभू कुमार सिंह ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर साइबर डीएसपी अमित रविदास के नेतृत्व में विशेष टीम ने करमाटांड़ थाना क्षेत्र के सियारसोल और मटटांड़ तथा जामताड़ा थाना क्षेत्र के मोहड़ा-पोसोई के पास छापेमारी कर आरोपियों को पकड़ा. पुलिस ने करमाटांड़ थाना क्षेत्र से 5 और जामताड़ा थाना क्षेत्र से 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इस मामले में साइबर थाना में कांड संख्या 44/26 दर्ज किया गया है. आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS), सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और टेलीकम्युनिकेशंस एक्ट-2023 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है.
27 मोबाइल, 39 सिम कार्ड और एक टैब जब्त
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से 27 मोबाइल फोन, 39 सिम कार्ड और एक टैब बरामद किया. पुलिस के अनुसार इन उपकरणों का इस्तेमाल साइबर ठगी के लिए किया जा रहा था. जब्त सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की तकनीकी जांच की जा रही है. पुलिस के मुताबिक आरोपी लोगों को फोनपे कैशबैक का झांसा देकर ठगी करते थे. वे लोगों से कैशबैक स्वीकार (Accept) करने के लिए कहते थे. जैसे ही लोग रिक्वेस्ट स्वीकार करते थे, उनके खाते से पैसे साइबर अपराधियों के फर्जी ई-वॉलेट में ट्रांसफर हो जाते थे. इसके अलावा आरोपी खुद को बैंक अधिकारी बताकर लोगों से एटीएम नंबर, सीवीवी, ओटीपी और अन्य गोपनीय बैंकिंग जानकारी हासिल करते थे. इसके बाद उनके खातों से पैसे निकाल लेते थे.
वकालत की तैयारी कर रहा युवक भी निकला आरोपी
गिरफ्तार आरोपियों में अमृत रूईदास भी शामिल है. पुलिस के अनुसार वह पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्दवान जिले का रहने वाला है और अपने ससुराल पोसोई में रह रहा था. बताया जा रहा है कि वह वकालत की तैयारी कर रहा था, लेकिन इसी दौरान साइबर अपराधियों के संपर्क में आकर गिरोह से जुड़ गया. पुलिस उसके पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है. एसपी ने बताया कि गिरफ्तार मुजाहिद अंसारी और सलामत अंसारी के खिलाफ पहले भी साइबर ठगी के मामले दर्ज हैं और दोनों के खिलाफ पहले चार्जशीट भी दाखिल की जा चुकी है.
लोगों से की सावधानी बरतने की अपील
पुलिस अधीक्षक शंभू कुमार सिंह ने लोगों से अपील की कि किसी भी अनजान कॉल, कैशबैक ऑफर या बैंक से जुड़े फोन पर भरोसा न करें. साथ ही किसी के साथ ओटीपी, एटीएम नंबर, सीवीवी या बैंक खाते की गोपनीय जानकारी साझा न करें. पुलिस ने कहा कि साइबर अपराध के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा.
ALSO READ: हजारीबाग: शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल की बदहाल व्यवस्था पर भड़के सांसद प्रतिनिधि
