Bermo: बेरमो अनुमंडल के बोकारो थर्मल स्थित डीवीसी की कोल रेलवे लाइन से रविवार को दुर्घटनाग्रस्त कथारा निवासी अमरदीप की स्कॉर्पियो को हाइड्रा की मदद से हटा दिया गया. वाहन हटाने से पहले स्थानीय थाना में इंस्पेक्टर पिंकू कुमार यादव की अध्यक्षता में वार्ता आयोजित की गई.
वार्ता में मुआवजा और प्रक्रिया पर चर्चा
बैठक में रेलवे आरपीएफ बरकाकाना के सहायक समादेष्टा मनोज कुमार श्रीवास्तव, इंस्पेक्टर टीएस अहमद, वाहन मालिक अमरदीप, कांग्रेस नेता प्रमोद सिंह, जोगेंद्र गिरी सहित अन्य लोग मौजूद थे. वार्ता के दौरान आरपीएफ अधिकारियों ने वाहन मालिक को सलाह दी कि वे रेलवे ट्रिब्यूनल में दुर्घटना से संबंधित शिकायत दर्ज करें, जहां सुनवाई के बाद करीब 8 लाख रुपये तक मुआवजा मिलने का प्रावधान है.
साथ ही उन्हें स्थानीय थाना में प्राथमिकी दर्ज कर वाहन बीमा से क्षतिपूर्ति का दावा करने की भी सलाह दी गई. बैठक में यह भी तय हुआ कि डीवीसी प्रबंधन से भी मुआवजा को लेकर प्रयास किया जाएगा, लेकिन तत्काल प्राथमिकता रेलवे लाइन से वाहन हटाने की होगी.
छह दिनों से बाधित थी कोयला आपूर्ति
रेलवे लाइन पर छह दिनों तक वाहन फंसे रहने के कारण पावर प्लांट को रैक के माध्यम से कोयले की आपूर्ति बाधित हो गई थी, जिससे कोयला संकट की स्थिति बनने लगी थी. वार्ता के बाद डीवीसी प्रबंधन ने हाइड्रा की मदद से स्कॉर्पियो को रेलवे लाइन से हटा दिया.
वाहन हटने के बाद लगभग पौने बारह बजे से पावर प्लांट में फंसे कोल रैक और दो इंजनों को बाहर निकाला जा सका.
पहले हुई थी बड़ी घटना
बताया जाता है कि 19 अप्रैल को पावर प्लांट के कोल गेट को तोड़ते हुए रैक बाहर निकली थी और रेलवे लाइन पर खड़ी स्कॉर्पियो को करीब पांच मीटर तक घसीट दिया था. इस दौरान रैक का एक डब्बा बेपटरी भी हो गया था.
घटना के बाद रेलवे ने इंजन चालक अरुण कुमार सहित दोनों चालकों को निलंबित कर दिया था. वहीं मुआवजे को लेकर रेलवे और डीवीसी प्रबंधन के बीच जिम्मेदारी तय नहीं होने के कारण मामला छह दिनों तक अटका रहा.
