‘झारखंड में बेटियां असुरक्षित! मानव तस्करों का गढ़ बनता जा रहा राज्य’, सरकार पर बरसीं भाजपा प्रवक्ता राफिया नाज

Ranchi: भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राफिया नाज ने झारखंड में लगातार बढ़ रही महिला और बच्चियों की तस्करी, गुमशुदगी और बिगड़ती कानून-व्यवस्था को...

Ranchi: भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राफिया नाज ने झारखंड में लगातार बढ़ रही महिला और बच्चियों की तस्करी, गुमशुदगी और बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार पर जोरदार हमला बोला है. उन्होंने कहा कि झारखंड अब मानव तस्करों और बच्चा चोरी करने वाले गिरोहों का सुरक्षित ठिकाना बनता जा रहा है, जबकि सरकार आंखें मूंदे बैठी है. राफिया नाज ने कहा कि 2020 से 2025 तक के आंकड़े राज्य की भयावह स्थिति को उजागर करते हैं. हर साल सैकड़ों नाबालिग बच्चे और बच्चियां लापता हो रहे हैं, जिनमें से कई आज तक नहीं मिल सके. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार महिला सुरक्षा के नाम पर सिर्फ पोस्टर और भाषण दे रही है, लेकिन जमीन पर हालात बद से बदतर है.

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आंकड़ों का हवाला देकर राज्य सरकार को घेरा

उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 में जमशेदपुर से 122, गुमला से 52, लोहरदगा से 36, चाईबासा से 39, रांची से 29 और पलामू से 46 नाबालिग बच्चों के गायब होने के मामले दर्ज हुए थे. वहीं 2024 में 236 नाबालिग बच्चे ह्यूमन ट्रैफिकिंग का शिकार बने. इसके बावजूद पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई नाकाफी साबित हो रही है. राफिया नाज ने कहा कि गरीब और ग्रामीण परिवारों की बेटियों को नौकरी, शादी और बेहतर भविष्य का झांसा देकर दूसरे राज्यों और विदेशों तक भेजा जा रहा है. कई बच्चियां घरेलू काम, जबरन मजदूरी और देह व्यापार के दलदल में धकेली जा रही हैं.

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मानव तस्करों के निशाने पर झारखंड

उन्होंने NCRB और सामाजिक संगठनों के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि साहिबगंज, पाकुड़, खूंटी, गुमला, सिमडेगा, लातेहार और पश्चिमी सिंहभूम जैसे जिले लंबे समय से तस्करों के निशाने पर हैं. कोल्हान प्रमंडल से पिछले 13 महीनों में 106 से अधिक युवतियों और बच्चियों के लापता होने की बात भी उन्होंने उठाई. बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि राज्य महिला आयोग में हजारों मामले लंबित पड़े हैं, जबकि सरकार महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं दिख रही. उन्होंने सवाल उठाया कि जब राजधानी रांची के कोकर इलाके से डेढ़ साल की बच्ची 20 दिनों से लापता है और पुलिस अब तक उसे खोज नहीं सकी, तो आम लोगों की सुरक्षा का क्या होगा?

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