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तारकुआंग ग्राम सभा की बैठक में PESA नियमावली पर मंथन, संशोधन प्रस्ताव भेजने का निर्णय

  सरायकेला : चांडिल प्रखण्ड क्षेत्र के ग्राम सभा तारकुआंग में एक विशेष बैठक रखा गया.इस बैठक का अध्यक्षता सुरेंद्र सिंह एवं...

 

सरायकेला : चांडिल प्रखण्ड क्षेत्र के ग्राम सभा तारकुआंग में एक विशेष बैठक रखा गया.इस बैठक का अध्यक्षता सुरेंद्र सिंह एवं गांव गणराज्य लोक समिति (कोल्हान) संगठन संयोजक बृहस्पति सिंह सरदार ने भी सभी क्षेत्र के ग्राम सभा को सूचना करके ग्राम सभा प्रस्ताव पारित करके भेजने का निर्णय लिया जायेगा. जिस में ग्राम सभा PESA कानून 1996का नियमावाली पर चर्चा किया गया.

इस में मुख्य बिंदु –

1.नियम (13)के अनुसार ग्राम सभा सचिव को सहायक सचिव के जगह ग्राम सभा का मुख्य सचिव रखा जाए. बाहर वाला को सहायक सचिव रखे.

2.नियम (18)का (4) के अनुसार ग्राम सभा का बैठक खाता बही को पंचायत में न ले जाकर बैठक पंजी का छाया प्रति ले जाया जाए.

3.नियम 12(1) अध्यक्ष मरने के स्थिति में चुनाव शब्द के जगह चयन होना चाहिए.

4. नियम10(1)के अनुसार बैठक तीन दिन पूर्व सूचना अनिवार्य किया गया हैं उसे आपातकालीन बैठक समय के अनुसार बैठक रखा जाए जो पहले से नियम हैं.

5. नियम (11) के अनुसार ग्राम सभा सदस्य सभा में उपस्थित के दौरान निरीक्षण करने का अधिकार के जगह बाद में भी रहना चाहिए. अन्यथा जब आपात कालीन स्थिति का फायदा उठाएगी वैसे लोग.

6. नियम (1)(च) झारखंड गजट 2007के अनुसार पांचवीं अनुसूची क्षेत्र के जगह पहले से जो हैं वही क्षेत्र होना चाहिए. नियम (छ) में भी पारंपरिक ग्राम सभा में झारखंड पंचायत राज अधिनियम 2001कि धारा 3लिखा गया हैं जो नहीं होना चाहिए.

7. नियम 22(3)के अनुसार ग्राम सभा पारंपरिक प्रथाओं में वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972, वन (संरक्षण एवं संवर्धन)1980 अनुरूप होगी के जगह वन अधिकार कानून 2006के अनुसार होना चाहिए.

8. नियम ( 23) का 6के (क)अनुसार ग्राम सभा में पुलिस की भूमिक जोड़ा गया हैं जो कि नहीं होना चाहिए था जरूरत पड़े तो पुलिस बुलाया जा सकता हैं जो पहले से चलता आ रहा हैं. जिस में ग्राम सभा सक्षम नहीं हैं.

9. नियम 30का 1 (E)के अनुसार पूर्ण रोक (10जून से 15अक्टूबर) वाला बहुत आवश्यकता के अनुसर मिलना चाहिए.

10. 30(2)A के अनुसार झारखंड लघु खनिज समनुदान नियमावली 2014के संशोधन के आलोक में लिखा हैं जो ग्राम सभा PESA कानून 1996एवं वन अधिकार कानून 2006के अनुसार होना चाहिए.

11. जितना सारा नियमावली जो लाया गया हैं जो कानून पहले था. अनुसूचित क्षेत्र और गैर अनुसूचित क्षेत्र में झारखण्ड पंचायत राज अधिनियम 2001 अगर ग्राम सभा चाहे तो लागू कर सकता हैं.

12. नियम यह भी है कि कोई भी नियम बनता हैं तो एक साल तक सही गलत के लिए संशोधन का मांग कर सकता हैं ग्राम सभा तब तक पूर्ण लागू नहीं समझा जाता हैं. यही सब मांग को संबंधित विभाग राज्यपाल एवं महामहिम राष्ट्रपति महोदया को लिखित भेजा जायेगा अन्य सभी का ड्राफ्ट में तैयार करके पूर्ण रूप से ग्राम सभा पारंपरिक अध्यक्ष (लाया, मुड़ा, मांझी, महतो) आदि के नम से जाना जानेवाला के अध्यक्ष के हस्ताक्षर से भेजा जायेगा.

वन अधिकार कानून 2006 के तहत् सामुदायिक वन अधिकार एवं वन संसाधनों पर दावा प्रपत्र (ख) तथा (ग) जमा किया गया हैं अनुमंडल में लेकिन आज तक नहीं मिला हैं. जिस का निराकरण करने के सम्बन्ध में सम्बंधित पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपा जायेगा अगर समय सीमा के अंदर निपटारा नहीं करता हैं तो आंदोलन किया जायेगा.ग्राम सभा के द्वारा यही चर्चा किया गया

इस बैठक में उपस्थित ग्राम सभा सदस्य – सुरेन्द्र सिंह, सुकूनतला सिंह, चिंतामणी सिंह, शुरुवाला सिंह, सुकुंतला सरदारा, अनिता सिंह, ऊषा सिंह सरदार आदि उपस्थित थे.

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