Saraikela: अखिल भारतीय गौ माता सम्मान अभियान के तहत सोमवार को चांडिल अनुमंडल पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया. ईचागढ़ क्षेत्र में सनातन समाज और संत समाज ने इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लिया. कार्यक्रम में विश्व हिंदू परिषद, विवेकानंद केंद्र और कालिंदी समाज के प्रतिनिधि शामिल हुए.
केंद्रीय कानून की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने चांडिल एसडीओ से मुलाकात कर गौ रक्षा के लिए केंद्रीय स्तर पर कड़ा कानून बनाने की मांग की. ज्ञापन में कहा गया कि गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध और दोषियों के खिलाफ सख्त सजा का प्रावधान होना चाहिए.
समय और समाज की मांग
वक्ताओं ने कहा कि भारत में गौ रक्षक के लिए केंद्रीय कड़ा कानून बनना चाहिए. यह समय की मांग है. संतों की मांग है और समाज की मांग है. उनका कहना था कि गौ माता के सम्मान से भारत आर्थिक, धार्मिक और राजनीतिक क्षेत्र में विकास कर विश्व गुरु बन सकता है.
पारंपरिक मान्यताओं का उल्लेख
कार्यक्रम में वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि सनातन धर्म में गौ माता पूजनीय है. उन्होंने कहा कि यदि सभी धर्मों के लोग गौ माता को सम्मान देंगे तो आपसी विवाद कम हो सकते हैं. वक्ताओं ने गाय के गोबर, गोमूत्र और दूध से जुड़ी पारंपरिक मान्यताओं और उनके उपयोग का भी उल्लेख किया. उन्होंने गोमूत्र में रोग प्रतिरोधक गुण होने और गोबर लेपन की परंपरा का जिक्र किया.
अभियान का विस्तार
आयोजकों ने बताया कि गौ संरक्षण को लेकर यह जागरूकता अभियान अनुमंडल के सभी प्रखंडों में चलाया जाएगा. ग्रामीण क्षेत्रों में गौशाला निर्माण और देसी नस्ल के संरक्षण पर जोर दिया जाएगा.
प्रशासन का आश्वासन
एसडीओ ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि ज्ञापन को उच्च अधिकारियों तक भेजा जाएगा. इस अभियान में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया. सनातन समाज और संत समाज के लोगों ने मिलकर कार्यक्रम को सफल बनाया.
मुख्य रूप से उपस्थित लोग
कार्यक्रम में मुख्य रूप से विश्व हिंदू परिषद के कोल्हन प्रमंडल के महामंत्री मिथिलेश जी. विवेकानंद केंद्र के संचालक गुलशन कुमार जी. पुजारी राजेंद्र पंडित जी. विश्व हिंदू परिषद के गौ रक्षक बाबा जी. कालिंदी समाज के अध्यक्ष कृष्णा कालिंदी. मनोज वर्मा सहित कई लोग उपस्थित थे.
