प्राथमिक शिक्षकों को MACP से वंचित करना अन्यायपूर्ण, सरकार फैसला वापस ले : JPSS
Ranchi: झारखंड प्रगतिशील शिक्षक संघ (JPSS) ने राज्य सरकार द्वारा प्राथमिक शिक्षकों (कक्षा 1 से 8) को मॉडिफाइड एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन (MACP)...
Ranchi: झारखंड प्रगतिशील शिक्षक संघ (JPSS) ने राज्य सरकार द्वारा प्राथमिक शिक्षकों (कक्षा 1 से 8) को मॉडिफाइड एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन (MACP) योजना का लाभ नहीं देने के निर्णय का कड़ा विरोध किया है. संघ के प्रदेश अध्यक्ष आनन्द किशोर साहु और प्रदेश महासचिव बलजीत कुमार सिंह ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि सरकार का यह निर्णय शिक्षकों के हितों के खिलाफ है और झारखंड हाईकोर्ट की भावना के भी विपरीत है. संघ के नेताओं ने कहा कि राज्य के प्राथमिक शिक्षक वर्षों से समयबद्ध प्रोन्नति से वंचित हैं. सरकार भी यह स्वीकार करती रही है कि प्राथमिक शिक्षकों को समय पर प्रोन्नति नहीं मिल पाती, जिसके कारण हजारों शिक्षकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है. ऐसे में MACP का लाभ नहीं देना शिक्षकों के साथ दोहरा अन्याय है, प्रदेश अध्यक्ष आनन्द किशोर साहु ने कहा कि सरकार ने अपने हालिया आदेश में झारखंड राजकीयकृत प्राथमिक विद्यालय शिक्षक प्रोन्नति नियमावली 2025 का हवाला देकर MACP से इनकार किया है. जबकि यही नियमावली वर्तमान में झारखंड हाईकोर्ट में विचाराधीन (सब-ज्यूडिस) है. उनका कहना है कि जब नियमावली की वैधानिकता ही न्यायालय के समक्ष लंबित है, तब उसी के आधार पर शिक्षकों को MACP से वंचित करना उचित नहीं है.
सरकार ने MACP के लाभ से किया वंचित
प्रदेश महासचिव बलजीत कुमार सिंह ने कहा कि हाईकोर्ट ने सरकार को प्राथमिक शिक्षकों के संबंध में अंतिम एवं विधिसम्मत निर्णय लेने का निर्देश दिया था, ताकि वर्षों पुरानी समस्या का समाधान हो सके. लेकिन सरकार ने शिक्षकों को राहत देने के बजाय उन्हें MACP के लाभ से ही वंचित कर दिया, जिससे शिक्षकों में निराशा और आक्रोश है, उन्होंने कहा कि जब तक प्राथमिक शिक्षकों को नियमित और समयबद्ध प्रोन्नति व्यवहारिक रूप से उपलब्ध नहीं हो जाती, तब तक उन्हें अन्य सरकारी कर्मियों की तरह MACP का लाभ मिलना चाहिए. केवल कागजी प्रावधानों का हवाला देकर वित्तीय उन्नयन से वंचित नहीं किया जा सकता, संघ ने सरकार से इस निर्णय पर पुनर्विचार कर प्राथमिक शिक्षकों को तत्काल MACP का लाभ देने तथा समयबद्ध प्रोन्नति की प्रभावी व्यवस्था लागू करने की मांग की है. साथ ही चेतावनी दी है कि यदि सरकार इस मुद्दे को लंबित रखने या टालने का प्रयास करती है, तो झारखंड प्रगतिशील शिक्षक संघ न्यायालय से लेकर सड़क तक लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक संघर्ष करेगा. संघ ने कहा कि शिक्षकों के वैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए कानूनी लड़ाई के साथ-साथ व्यापक आंदोलन भी चलाया जाएगा.
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