Bokaro: सोमवार को समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में उपायुक्त अजय नाथ झा ने कृषि, सहकारिता, मत्स्य, पशुपालन, भूमि संरक्षण एवं सर्वेक्षण विभाग द्वारा संचालित योजनाओं एवं कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की. बैठक में विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों को वित्तीय वर्ष 2026-27 का वार्षिक एक्शन प्लान अविलंब तैयार कर जिला को समर्पित करने का निर्देश दिया. उपायुक्त ने जिले की टांड भूमि पर विशेष ध्यान देते हुए अधिक से अधिक धान की खेती सुनिश्चित करने की बात कही. उन्होंने बीज वितरण में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होने देने तथा किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. साथ ही, मल्टी क्रॉप एवं इंटर क्रॉप खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया.
जल संरक्षण एवं भू-जल रिचार्ज पर दिया विशेष फोकस
“उपायुक्त ने गांव का पानी गांव में एवं खेत का पानी खेत में” अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने का निर्देश दिया. उन्होंने ऊपरी क्षेत्रों में मिट्टी का मेड़ निर्माण, भू-जल रिचार्ज, सरोवर एवं डोभा निर्माण जैसे कार्यों को प्राथमिकता देने को कहा. उन्होंने आम बागवानी क्षेत्रों में सिंचाई एवं जल संरक्षण की समस्या के स्थायी समाधान को लेकर मत्स्य पदाधिकारी को आवश्यक कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया. साथ ही मनरेगा के तहत आम बागानों में अतिरिक्त उपयोगी कार्यों की संभावनाओं पर कार्य करने हेतु जिला उद्यान पदाधिकारी को निर्देशित किया.

सभी प्रखंडों में विकसित होंगे आदर्श उद्यान्न
उपायुक्त ने जिले के सभी प्रखंडों में आदर्श उद्यान्न (बागान) विकसित करने का निर्देश देते हुए उत्पादों की बेहतर मार्केटिंग एवं ब्रांडिंग पर कार्य करने को कहा. उन्होंने वन विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर औषधीय पौधों के रोपण को भी बढ़ावा देने की बात कही. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में जिम्मेदारी के साथ कार्य करें तथा किसी भी परिस्थिति में दायित्वों से पीछे नहीं हटें.
कृषक पाठशालाओं को एग्रो टूरिज्म मॉडल के रूप में विकसित करने का निर्देश
बैठक के क्रम में उपायुक्त ने कृषक पाठशाला नावाडीह एवं कृषक पाठशाला जरीडीह को आदर्श मॉडल के रूप में विकसित करने का निर्देश दिया. उन्होंने इन कृषक पाठशालाओं को एग्रो टूरिज्म के रूप में विकसित करने, तालाबों को मॉडल तालाब बनाने तथा गोटरी बैंक योजना शुरू करने की बात कही. उन्होंने जिला कृषि पदाधिकारी को अगले सप्ताह जिले के प्रगतिशील किसानों के साथ बैठक आयोजित करने का निर्देश दिया, ताकि कृषि क्षेत्र में नवाचार एवं बेहतर योजनाओं के क्रियान्वयन को गति मिल सके.
प्रत्येक प्रखंड में विकसित होंगे मॉडल तालाब
उपायुक्त ने जिला मत्स्य पदाधिकारी को सभी प्रखंडों में कम से कम एक-एक तालाबों को मॉडल तालाब के रूप में विकसित करने तथा मत्स्य पालन को बढ़ावा देने का निर्देश दिया.
इसके अलावा उन्होंने पशुपालन विभाग की चारा सुरक्षा उत्पादन एवं टीकाकरण संबंधी योजनाओं की समीक्षा की. वहीं, भूमि संरक्षण विभाग द्वारा गाद निकासी, तालाब जीर्णोद्धार, परकोलेशन टैंक निर्माण एवं अन्य जल संरक्षण कार्यों की प्रगति योजना की जानकारी ली.
सिंचाई योजना एवं किसान समृद्धि योजनाओं की समीक्षा
बैठक में कृषि विभाग के तहत प्रधानमंत्री सिंचाई योजना, सॉइल हेल्थ कार्ड, किसान समृद्धि योजना एवं कृषि पाठशाला कार्यक्रमों की समीक्षा की गई. वहीं भूमि संरक्षण एवं सर्वेक्षण विभाग द्वारा ट्रैक्टर वितरण एवं जलनिधि पंपसेट वितरण व लक्ष्य की भी जानकारी उपायुक्त ने प्राप्त की.
बकरा वितरण एवं गोदाम निर्माण योजनाओं की भी हुई समीक्षा
उपायुक्त ने पशुपालन विभाग से बकरा वितरण योजना, शूकर विकास योजना एवं जोड़ा बैल योजना की प्रगति की जानकारी ली. वहीं, सहकारिता विभाग द्वारा सभी प्रखंडों में गोदाम निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए अंचलों से समन्वय कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए.
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