कराईकेला में महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए नि:शुल्क वन्य रेशम धागाकरण प्रशिक्षण प्रारंभ

Chakradharpur: ग्रामीण महिलाओं और युवतियों को स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कराईकेला में 21 दिवसीय नि:शुल्क वन्य रेशम धागाकरण...

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प्रशिक्षण कार्यक्रम का निरीक्षण करतीं एसडीओ

Chakradharpur:  ग्रामीण महिलाओं और युवतियों को स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कराईकेला में 21 दिवसीय नि:शुल्क वन्य रेशम धागाकरण एवं कताई (तसर सिल्क रीलिंग एंड स्पिनिंग) प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है. यह प्रशिक्षण भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय एवं केंद्रीय रेशम बोर्ड, बैंगलोर के तत्वावधान में कौशल विकास प्रशिक्षण “समर्थ योजना” के अंतर्गत संचालित किया जा रहा है. प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन संथाल परगना ग्राम रचना संस्थान, गोड्डा द्वारा ग्राम रचना रेशम साड़ी ट्रेनिंग सेंटर में किया जा रहा है. प्रशिक्षण का शुभारंभ सेक्रेटरी बबीता सिंह, निदेशक सीएसबी-सीटीआर एंड टीआई की उपस्थिति में किया गया.

कौशल विकास कार्यक्रमों को हर संभव सहयोग देगा प्रशासन- एसडीओ

प्रशिक्षण के निरीक्षण के लिए चक्रधरपुर की अनुमंडल पदाधिकारी श्रुति राजलक्ष्मी प्रशिक्षण केंद्र पहुंचीं. उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिलाओं से बातचीत की तथा केंद्र की व्यवस्थाओं की सराहना की. एसडीओ ने कहा कि पश्चिमी सिंहभूम तसर रेशम उत्पादन का महत्वपूर्ण क्षेत्र है. महिलाओं को पारंपरिक रेशम कला से जोड़कर आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण देना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम है. यह कार्यक्रम महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने में मील का पत्थर साबित होगा. प्रशासन ऐसे कौशल विकास कार्यक्रमों को हर संभव सहयोग देगा. वहीं, संस्थान की डायरेक्टर ज्योति सिंह ने बताया कि प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य तसर सिल्क उद्योग के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करना तथा ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाकर उनके जीवन स्तर में सुधार लाना है.

प्रशिक्षणार्थियों को दिया जाएगा आधिकारिक प्रमाण पत्र

सेंटर मैनेजर मनोज सिंह ने बताया कि प्रशिक्षण पूरी तरह नि:शुल्क है. प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाली महिलाओं को वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से आधिकारिक प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा. साथ ही प्रशिक्षणार्थियों को 8 घंटे के आधार पर प्रतिदिन 150 रुपये की जीविका भत्ता सीधे उनके बैंक खाते में भेज दी जाएगी. उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के बाद महिलाओं को स्वरोजगार शुरू करने तथा रेशम उद्योग में रोजगार प्राप्त करने के लिए तकनीकी एवं व्यावहारिक सहयोग भी उपलब्ध कराया जाएगा. प्रशिक्षण समन्वयक रति महापात्रा एवं सरोज महतो ने प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में सहयोग किया.

मौके पर काफी संख्या में महिलाएं रहीं मौजूद

मौके पर ज्योति सिंह, मनोज सिंह, ममता महतो, ज्योति कुमारी महतो, सुजीता महतो, पार्वती प्रमाणिक, कविता प्रमाणिक, नमिता महतो, तृप्ति त्रिपाठी, सुनीता कुम्हार, मीना देवी, खुशबू कुमारी, कनकलता देवी, मालती देवी, शिल्पा देवी, कुमारी नमिता मंडल, समेत काफी संख्या में महिलाएं मौजूद थी.

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