सड़क सुरक्षा को लेकर उपायुक्त सख्त, नियम तोड़ने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई

Palamu: उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित...

Palamu: उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. इस बैठक में जिले के भीतर बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं, वर्तमान यातायात व्यवस्था और सड़क सुरक्षा के विभिन्न उपायों की विस्तृत समीक्षा की गई. बैठक के दौरान उपायुक्त ने अप्रैल माह में हुई सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों पर गहरी चिंता व्यक्त की. उन्होंने संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिया कि वे जिले में दुर्घटनाओं के ग्राफ में कमी लाने के लिए धरातल पर प्रभावी और ठोस कार्रवाई सुनिश्चित करें. बैठक में जानकारी दी गई कि अकेले अप्रैल माह में जिले में कुल 44 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें 34 लोगों की दर्दनाक मृत्यु हो गई और 36 लोग गंभीर रूप से घायल हुए.

कड़ा जांच अभियान का निर्देश 

सड़क हादसों पर लगाम लगाने के लिए उपायुक्त ने बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने, गलत दिशा (रॉन्ग साइड) में ड्राइविंग करने, बिना सीट बेल्ट के चार पहिया वाहन चलाने, ओवरस्पीडिंग करने तथा बुलेट व अन्य बाइकों में मॉडिफाइड साइलेंसर का उपयोग कर शोर मचाने वालों के विरुद्ध नियमित रूप से कड़ा जांच अभियान चलाने का निर्देश दिया. इसके साथ ही उन्होंने शराब पीकर वाहन चलाने वाले चालकों पर नकेल कसने के लिए सभी जांच टीमों के पास पर्याप्त संख्या में ब्रेथ एनलाइजर की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा. बैठक के दौरान पिछले माह की गई कार्रवाई का ब्यौरा भी पेश किया गया, जिसमें बताया गया कि अप्रैल महीने में कुल 629 वाहनों की सघन जांच की गई थी. इस कार्रवाई के तहत नियम तोड़ने वाले 566 वाहनों से 18 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना वसूला गया, जबकि बिना हेलमेट वाहन चलाने के मामले में 369 चालकों पर कार्रवाई करते हुए 267 ड्राइविंग लाइसेंस भी निरस्त किए गए.

यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने का निर्देश 

यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए उपायुक्त ने जिले के सभी दुर्घटना संभावित क्षेत्रों (ब्लैक स्पॉट्स) एवं प्रमुख चौक-चौराहों पर नियमित चेकिंग अभियान जारी रखने का निर्देश दिया. इसके अलावा उन्होंने सिविल सर्जन को निर्देशित किया कि सड़क हादसों में घायलों की मदद करने वाले ‘गुड सेमेरिटन’ से जुड़े लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाएं. बैठक में मौजूद चतरा सांसद प्रतिनिधि ने पांकी एवं लेस्लीगंज क्षेत्र में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं का गंभीर मुद्दा उठाया और वहां सुरक्षा उपाय बढ़ाने की मांग की. इस महत्वपूर्ण बैठक में उपायुक्त के साथ पलामू के पुलिस अधीक्षक कपिल चौधरी सहित सड़क सुरक्षा समिति के अन्य अधिकारी और सदस्य मुख्य रूप से उपस्थित रहे.

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