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धनबाद: छात्रों की सुरक्षा से खिलवाड़ पर जिला प्रशासन का चला हंटर, कई कोचिंग संस्थान बंद करने के निर्देश

बड़ी कार्रवाई: DC के निर्देश पर SDM ने की छापेमारी, सिटी सेंटर और सरायढेला के कई सेंटरों में मिलीं गंभीर खामियां सख्त...

  • बड़ी कार्रवाई: DC के निर्देश पर SDM ने की छापेमारी, सिटी सेंटर और सरायढेला के कई सेंटरों में मिलीं गंभीर खामियां
  • सख्त रुख: बिना फायर NOC और सुरक्षा इंतजामों के अब नहीं चल पाएंगी कक्षा, संचालकों से लिया लिखित आश्वासन

Dhanbad: शहर में छात्रों की सुरक्षा को ताक पर रखकर धड़ल्ले से चल रहे कोचिंग संस्थानों के खिलाफ जिला प्रशासन ने अब बेहद कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है. फायर सेफ्टी (अग्निशमन) मानकों की खुलेआम अनदेखी करने वाले कई कोचिंग संस्थानों के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से बंद करने का निर्देश दिया है. उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन के सख्त निर्देश पर बुधवार को एसडीएम लोकेश बारंगे के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम ने शहर के प्रमुख कोचिंग हब माने जाने वाले सिटी सेंटर और सरायढेला क्षेत्र में औचक निरीक्षण (सरप्राइज चेकिंग) किया. छापेमारी से कोचिंग संचालकों में हड़कंप मच गया.

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जांच में खुली पोल: न एग्जिट गेट, न वेंटिलेशन

प्रशासनिक जांच के दौरान नामी-गिरामी और छोटे-बड़े कई कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा संबंधी बेहद गंभीर खामियां उजागर हुईं.

आग बुझाने के इंतजाम गायब: अधिकांश संस्थानों में आग से निपटने के लिए पर्याप्त उपकरण (फायर एक्स्टिंग्विशर) तक नहीं थे.
इमरजेंसी एग्जिट नहीं: किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए आपातकालीन निकास की कोई व्यवस्था नहीं थी.

भेड़-बकरियों की तरह ठूंसे हुए थे छात्र: प्रशासन ने पाया कि क्षमता से दोगुने छात्रों को कमरों में बैठाया गया था. वेंटिलेशन (हवा की निकासी) की भारी कमी के कारण दमघोंटू माहौल में कक्षाएं संचालित हो रही थीं.

तत्काल खाली कराए गए क्लासरूम

स्थिति की गंभीरता और किसी बड़े हादसे की आशंका को देखते हुए एसडीएम लोकेश बारंगे ने तत्काल संज्ञान लिया. उन्होंने मौके पर ही सभी छात्रों को सुरक्षित कक्षाओं से बाहर निकलवाया और संस्थानों को सील करने की चेतावनी दी.

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बिना फायर NOC नहीं खुलेंगे ताले

प्रशासन ने सख्त हिदायत दी है कि जिन संस्थानों में उल्लंघन पाया गया है, वे तब तक बंद रहेंगे जब तक कि सभी कमियों को दुरुस्त नहीं कर लिया जाता. इसके साथ ही सभी दोषी संचालकों से लिखित में आश्वासन पत्र भी भरवाया गया है. जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जब तक संबंधित संस्थान जिला अग्निशमन विभाग से ‘नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट’ (NOC) प्राप्त नहीं कर लेते, तब तक वहां दोबारा पढ़ाई शुरू करने की अनुमति नहीं दी जाएगी.

SDM ने क्या कहा?

“छात्रों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है. महज व्यावसायिक लाभ कमाने के लिए किसी भी कोचिंग संचालक को बच्चों की जान जोखिम में डालने की छूट नहीं दी जा सकती. यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.”- लोकेश बारंगे, एसडीएम, धनबाद

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