NewsWave Desk: आजकल हर कोई मोबाइल , इंटरनेट और सोशल मीडिया में उलझा हुआ है. इससे लोगों में तनाव , बेचैनी और मानसिक थकान बढ़ रही हैं. ऐसे में अब एक नया ट्रेंड सामने आया है ‘डिजिटल डिटॉक्स विलेज’. इन खास गांवों में लोग कुछ दिनों के लिए अपने मोबाइल और गैजेट्स छोड़कर प्रकृति के बीच सुकून भरा समय बिता रहे हैं.
क्या है डिजिटल डिटॉक्स विलेज?
डिजिटल डिटॉक्स विलेज ऐसी जगह हैं जहां मोबाइल, इंटरनेट और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल कम या बिल्कुल नहीं होता. यहां लोग शहर की भागदौड़ और लगातार मिलने वाली नोटिफिकेशन से ब्रेक लेकर शांत माहौल में रहते हैं.
इन गांवों में लोग क्या करते है?
यहां आने वाले लोग योग, मेडिटेशन, खेतों मे काम, बागवानी, नेचर वॉक , किताबें पढना ओर खुद के साथ समय बिताते हैं.इससे उन्हें मानसिक रूप से सुकून और ताजगी मिलती है.
मानसिक स्वास्थ्य पर असर
विषेशज्ञों का मानना है कि डिजिटल डिवाइस से दूर रहकर लोग कम तनाव महसूस करते हैं, बेहतर नींद लेते हैं और उनका ध्यान भी बढ़ता हे .
भारत में बढ़ रहा चलन
हिमाचल प्रदेश , उत्तराखंड ओर केरल में डिजिटल डिटॉक्स की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है.
भविष्य मे इसकी जरूरत
जैसे-जैसे लोग मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूक हो रहे हैं, भविष्य मे इसकी जरूरत और बढ़ने लगेगी.
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