Ranchi: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ओल चिकी लिपि के जनक और संथाली साहित्य के पुरोधा पंडित रघुनाथ मुर्मू की जयंती पर उन्हें नमन करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की. मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित मुर्मू का योगदान केवल लिपि के निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आदिवासी समाज की भाषा, संस्कृति और अस्मिता को वैश्विक पहचान दिलाने का एक ऐतिहासिक महायज्ञ था.
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी विरासत हमें अपनी जड़ों से गहराई से जुड़ने और स्वाभिमान के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है. उन्होंने संकल्प दोहराया कि झारखंड सरकार उनकी विचारधारा और समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को संजोते हुए राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर समर्पित है.
