Bermo : डीवीसी बोकारो थर्मल में बहुप्रतीक्षित 134 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) का उद्घाटन गुरुवार को बेहद सादगी के साथ संपन्न हुआ. डीवीसी के एचओपी सुशील कुमार अरजरिया, वरीय जीएम (ओएंडएम) मधुकर श्रीवास्तव, जीएम (एचआर) एए कुजूर, राजेश विश्वास, नरेश मुरस्कर, एसके महापात्र और कंस्ट्रक्शन हेड देव प्रसाद खां ने संयुक्त रूप से फीता काटकर और नारियल फोड़कर पुल का विधिवत उद्घाटन किया.

उद्घाटन के तुरंत बाद एचओपी सुशील कुमार अरजरिया ने इसे आम जनता और राष्ट्र को समर्पित करने की घोषणा की. इसके ठीक एक घंटे बाद सुरक्षा और व्यवस्था के मद्देनजर लोहे की बैरिकेडिंग लगाकर पुराने रेलवे क्रॉसिंग गेट को हमेशा के लिए बंद कर दिया गया. इस ओवरब्रिज के चालू होने से स्थानीय लोगों और डीवीसी कामगारों के बीच हर्ष का माहौल देखा गया, क्योंकि अब उन्हें रेलवे क्रॉसिंग के लंबे जाम से मुक्ति मिल जाएगी.

दो महीने पहले होना था उद्घाटन, आज राष्ट्र को किया समर्पित
उद्घाटन के बाद आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए एचओपी सुशील कुमार अरजरिया ने कई गंभीर मुद्दों पर बेबाकी से अपनी बात रखी. उन्होंने स्पष्ट किया कि इस आरओबी का उद्घाटन दो महीने पहले ही होना था, जो किसी कारणवश टल गया था. उन्होंने भ्रम को दूर करते हुए कहा कि वर्ष 2021 में जो उद्घाटन का काम हुआ था, वह सिर्फ कनेक्टिंग रोड का था, जबकि सही मायने में रेलवे ओवरब्रिज का वास्तविक उद्घाटन आज हुआ है.
इस बड़े प्रोजेक्ट को पूरा करने का श्रेय उन्होंने डीवीसी के कंस्ट्रक्शन हेड सहित पूरी डीवीसी के प्रोजेक्ट की टीम, राइट्स कंपनी और बीकेबी की टीम को दिया, जिन्होंने बेहद कम समय में निर्माण कार्य को पूरा किया. एचओपी ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि बिना किसी औपचारिक आमंत्रण के भी इतनी बड़ी संख्या में स्थानीय जनता इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने आई, जो सचमुच बधाई की पात्र है.
ऐश स्लरी लाइन विवाद पर बोले एचओपी
समारोह के दौरान एचओपी ने ऐश स्लरी लाइन (छाई की पाइपलाइन) में आ रही लगातार समस्याओं और स्थानीय विरोध पर गहरी चिंता जताई. उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि ऐश स्लरी लाइन में लगातार आ रही दिक्कतों के कारण कभी भी पावर प्लांट बंद हो सकता है. उन्होंने स्थानीय लोगों और संगठनों को नसीहत देते हुए कहा कि जो भी समस्या है, उसे आपस में बैठकर बातचीत के जरिए हल किया जा सकता है, ना कि प्लांट के चक्के को जाम करके.
प्लांट को चलने न देना किसी भी समस्या का समाधान नहीं है. उन्होंने जनता से डीवीसी को सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि पावर प्लांट बंद होने से हमलोगों को या डीवीसी प्रबंधन को कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा, लेकिन स्थानीय स्तर पर यहां की स्थिति बेहद खराब हो जाएगी और रोजगार ठप हो जाएगा.
सांसद-विधायक और पंचायत प्रतिनिधियों को नहीं मिला न्योता
चूंकि बोकारो थर्मल में ही डीवीसी का पहला पावर प्लांट स्थापित हुआ था, इसलिए इस धरोहर को सुचारू रूप से चलने देना सबकी जिम्मेदारी है. उन्होंने मलाल जताते हुए कहा कि स्थानीय स्तर पर हर छोटे-बड़े काम में कम्प्लेन कर दी जाती है, जिससे मुख्यालय में बोकारो थर्मल की इमेज काफी खराब हो चुकी है और वे इस छवि को सुधारने का निरंतर प्रयास कर रहे हैं.
उद्घाटन समारोह को कंस्ट्रक्शन हेड देव प्रसाद खां, वरीय जीएम मधुकर श्रीवास्तव, जीएम एए कुजूर, राजेश विश्वास, नरेश मुरस्कर और बेरमो माइंस के जीएम मंडया ने भी संबोधित किया. मौके पर मुख्य रूप से डीवीसी के डीजीएम सुरजीत सिंह, अखिलेंदु सिंह, सौविक धारा, अभिजीत दुले, वरीय प्रबंधक मनीष कुमार चौधरी, शशिशेखर, संदीप भगत, पार्थ सारथी मुखर्जी, भवेश खत्री, प्रशांत कुमार, सूरज कुमार तिवारी सहित जोगेंद्र गिरी, ब्रज किशोर सिंह, मुखिया विकास सिंह, चंद्रदेव घांसी, महबूब आलम, कांग्रेस नेत्री सुषमा कुमारी, सांसद प्रतिनिधि जितेंद्र यादव, सदन सिंह, धरम सिंह, बिनोद भाटिया, राजदेव सिंह, रत्नेश शर्मा सहित भारी संख्या में डीवीसी के अधिकारी, इंजीनियर, कर्मचारी और आम लोग मौजूद थे.
इस बार का उद्घाटन समारोह राजनीतिक गलियारों और स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय भी बना रहा, क्योंकि डीवीसी प्रबंधन द्वारा इस महत्वपूर्ण समारोह में गिरिडीह के सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी और बेरमो के विधायक कुमार जयमंगल उर्फ अनुप सिंह को आमंत्रित नहीं किया गया था. सिर्फ यही नहीं, स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों, विभिन्न श्रमिक यूनियनों के नेताओं या किसी भी राजनीतिक दल के प्रतिनिधियों को इस कार्यक्रम का कोई न्योता नहीं दिया गया था.
डीवीसी का यह रुख इसलिए भी लोगों को खटक रहा है क्योंकि इससे पूर्व बीते 28 फरवरी को तय किए गए उद्घाटन समारोह में सूबे के मंत्री योगेंद्र प्रसाद, सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी, विधायक कुमार जयमंगल, डुमरी विधायक जयराम महतो और डीवीसी के चेयरमैन एस सुरेश कुमार सहित तमाम बड़े अधिकारियों को आमंत्रित किया गया था, जिसके कारण उद्घाटन समारोह स्थगित हो गया था, लेकिन इस बार पूरे कार्यक्रम को पूरी तरह गैर-राजनीतिक रखते हुए सिर्फ विभागीय स्तर पर ही निपटा दिया गया. संचालन दीना नाथ शर्मा तथा अरविंद कुमार यादव ने किया.
