Bermo: डीवीसी स्टाफ एसोसिएशन के केंद्रीय महामंत्री अनिल कुमार प्रसाद ने डीवीसी प्रबंधन से पेंशनरों के वार्षिक मेडिकल इंश्योरेंस कवर को बढ़ाने की मांग की है. एसोसिएशन के महासचिव ने डीवीसी चेयरमैन को भेजे गए पत्र में लिखा है, कि वर्तमान में पेंशनरों को प्रतिवर्ष 7.5 लाख रुपये का मेडिकल बीमा कवर दिया जा रहा है, जो बढ़ती स्वास्थ्य सेवाओं की लागत को देखते हुए पर्याप्त नहीं है. पत्र में बताया गया है कि अस्पताल में भर्ती, गंभीर बीमारियों के इलाज, सर्जरी और उपचार के बाद की देखभाल पर खर्च लगातार बढ़ रहा है और कई बड़े इलाजों का खर्च अब 7.5 लाख रुपये से अधिक हो जाता है.

मौजूदा बीमा सीमा में कर्मचारी के साथ उसके आश्रित परिवार के सदस्य भी शामिल
एसोसिएशन महामंत्री ने कहा है कि कैंसर, हृदय सर्जरी, अंग प्रत्यारोपण और न्यूरो सर्जरी जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज में वर्तमान बीमा राशि बेहद कम साबित हो रही है. साथ ही यह भी उल्लेख किया गया है कि मौजूदा बीमा सीमा में कर्मचारी के साथ उसके आश्रित परिवार के सदस्य भी शामिल होते हैं, जिससे प्रति व्यक्ति उपलब्ध राशि और कम पड़ जाती है. पत्र में यह भी कहा गया है कि देश के कई केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रम और अन्य संस्थान अपने सेवानिवृत्त कर्मचारियों को 15 लाख से 25 लाख रुपये तक का मेडिकल कवर उपलब्ध करा रहे हैं.
उन्होंने डीवीसी स्टाफ एसोसिएशन ने प्रबंधन से मांग की है, कि पेंशनरों के लिए वार्षिक मेडिकल इंश्योरेंस कवर को तत्काल बढ़ाकर न्यूनतम 15 लाख रुपये प्रति वर्ष किया जाए, ताकि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को चिकित्सा आपात स्थिति में आर्थिक सुरक्षा मिल सके. एसोसिएशन ने इसे कर्मचारियों और पेंशनरों के सामाजिक सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बताते हुए प्रबंधन से शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है.
