Palamu:जिले के विश्रामपुर विधानसभा क्षेत्र के रेहला स्थित प्रतिष्ठित संत तुलसीदास इंटर महाविद्यालय में शासी निकाय (गवर्निंग बॉडी) और कॉलेज के बैंक खातों के संचालन को लेकर विवाद बेहद गहरा गया है. इस पूरे मामले को लेकर कॉलेज की प्राचार्या अर्चना कुमारी ने पलामू उपायुक्त को एक पत्र सौंपकर और मीडिया के सामने आकर स्थानीय विश्रामपुर विधायक के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्राचार्या ने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि झारखंड अधिविध परिषद (जैक) रांची के नियमों और आदेशों को ताक पर रखकर विधायक द्वारा कॉलेज में एक नई और समानांतर एक कमेटी का गठन कर लिया गया है, जिससे कॉलेज के प्रशासनिक और शैक्षणिक माहौल के साथ-साथ वित्तीय कार्यों में भी भारी बाधा पहुंचाई जा रही है.

खातों का संचालन जबरन अपने पक्ष में करने का आरोप
उपायुक्त को सौंपे गए पत्र में प्राचार्या अर्चना कुमारी ने साक्ष्यों का हवाला देते हुए बताया कि जैक के पत्र दिनांक 21 मई 2026 के आलोक में उन्हें कॉलेज का प्राचार्या रहने का आदेश प्राप्त है, जबकि अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) सदर मेदिनीनगर को कॉलेज का विधिवत सचिव बनाया गया है. इसके बावजूद, विधायक के राजनैतिक दबाव में आकर पूर्व परिषद प्रतिनिधि सुशीला मिश्रा जिनका कार्यकाल 15 मई 2026 को ही समाप्त हो चुका है उनके द्वारा नियमों के विरुद्ध जाकर जैक में गलत तरीके से पत्राचार और फॉरवर्डिंग की जा रही है. प्राचार्या का आरोप है कि विधायक की इस कमेटी के कथित पदाधिकारियों ने कल शाम पुलिस-प्रशासनिक बल का सहारा लेकर बैंक मैनेजर पर दबाव बनाया और कॉलेज के मुख्य खातों का संचालन जबरन अपने पक्ष में करवाने का नियम विरुद्ध प्रयास किया है.
पूरे मामले का निष्पक्ष जांच की मांग
प्राचार्या ने पलामू डीसी और जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यदि जिला प्रशासन इस राजनैतिक दबाव में जैक के स्पष्ट आदेशों का अनुपालन कराने में खुद को असमर्थ पा रहा है, तो इसकी लिखित सूचना तुरंत जैक को भेज दी जाए. उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि वे अपने कॉलेज और महाविद्यालय परिवार के हक के लिए न्याय चाहती हैं. यदि इस पूरे मामले का निष्पक्ष और त्वरित निष्पादन नहीं किया गया, तो वे मजबूरन उपायुक्त कार्यालय के समक्ष अनिश्चितकालीन आमरण अनशन पर बैठने को बाध्य होंगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी.
