डीवीसी द्वारा निजी आवासों में स्मार्ट मीटर लगाने का जोरदार विरोध, बैरंग लौटी टीम

Bermo: बेरमो अनुमंडल के बोकारो थर्मल के गोविंदपुर डी पंचायत अंतर्गत निजी आवासों में मंगलवार को डीवीसी प्रबंधन द्वारा स्मार्ट मीटर लगाने...

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विरोध करते लोग

Bermo: बेरमो अनुमंडल के बोकारो थर्मल के गोविंदपुर डी पंचायत अंतर्गत निजी आवासों में मंगलवार को डीवीसी प्रबंधन द्वारा स्मार्ट मीटर लगाने की कोशिश का स्थानीय लोगों और महिलाओं ने पुरजोर विरोध किया. आक्रोशित लोगों के कड़े रुख को देखते हुए डीवीसी कॉलोनी सबस्टेशन के इंचार्ज गुंजन कुमार, विभागीय इंजीनियर सौरभ कुमार और होमगार्ड के जवानों के साथ वापस लौटने पर मजबूर हो गए. घटनाक्रम की शुरुआत मंगलवार सुबह हुई, जब विभागीय टीम ने जीएम कॉलोनी स्थित सीआर गुप्ता के निजी आवास पर इलेक्ट्रॉनिक मीटर हटाकर स्मार्ट मीटर लगा दिया.

भाजपा नेता और कांग्रेस महिला मोर्चा प्रदेश महामंत्री ने उठाए सवाल

इसके बाद अपराह्न करीब साढ़े चार बजे जब टीम दुबारा बिजय नैय्यर के आवास पर मीटर बदलने पहुंची, तो गृहस्वामी ने इसका विरोध किया. देखते ही देखते मौके पर भारी संख्या में महिला-पुरुष और राजनीतिक कार्यकर्ता जुट गए. विरोध प्रदर्शन में शामिल भाजपा के पूर्व प्रखंड अध्यक्ष संजय प्रसाद और कांग्रेस महिला मोर्चा की प्रदेश महामंत्री सुषमा कुमारी, सीमा देवी, बिनीता प्रसाद, रिंकू सिंह, अनिल पासवान, निधी सिंह, डाॅ. रजनी नैयर, मनीषा नैयर, गुड्डू सिंह, बंटी सकूजा, राजकुमारी देवी, रुपेश नैयर सहित अन्य लोगों ने प्रबंधन की कार्यशैली पर सवाल उठाए.

अचानक स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया शुरू करना तर्कसंगत नहीं

ग्रामीणों का कहना था कि जब छह माह पूर्व इस विषय पर डीवीसी के एचओपी और डीजीएम को लिखित पत्र देकर वार्ता के माध्यम से समाधान निकालने का आग्रह किया गया था, तो बिना किसी पूर्व सूचना या वार्ता के अचानक स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया शुरू करना तर्कसंगत नहीं है. लोगों ने तर्क दिया कि जब पूरे पंचायत के सभी घरों में इलेक्ट्रॉनिक मीटर लगे हुए हैं और उपभोक्ता नियमित रूप से बिजली बिल का भुगतान कर रहे हैं, तो मीटर बदलने की कोई आवश्यकता नहीं है.

काम बीच में ही छोड़कर वापस लौटने को मजबूर हुई टीम

इधर, सबस्टेशन इंचार्ज गुंजन कुमार ने लोगों को समझाने का प्रयास किया कि पुराने इलेक्ट्रॉनिक मीटरों में रीडिंग की गड़बड़ी के कारण उपभोक्ताओं को अत्यधिक बिल का सामना करना पड़ता था, जिसे रोकने के लिए ही आधुनिक स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं. हालांकि, स्थानीय महिलाओं ने प्रबंधन पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि अन्य पंचायतों में सामान्य मीटर न होने के बावजूद निर्बाध बिजली आपूर्ति की जा रही है, जबकि एक ही क्षेत्र में रहने वाले लोगों के लिए डीवीसी प्रबंधन के द्वारा अलग-अलग नियम थोपे जा रहे हैं. लोगों की एकजुटता और बढ़ते रोष को देखते हुए विभागीय टीम को अपना काम बीच में ही छोड़कर वापस जाना पड़ा. इस दौरान दर्जनों लोग उपस्थित थे.

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