Ranchi: झारखंड में आगामी विधानसभा चुनावों और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को पूरी तरह त्रुटिरहित बनाने के लिए निर्वाचन आयोग ने अपनी प्रशासनिक सक्रियता बढ़ा दी है. इसी क्रम में सोमवार को रांची स्थित निर्वाचन सदन में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार की अध्यक्षता में सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई. इस बैठक का मुख्य एजेंडा मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण के तहत चल रहे ‘इन्यूमरेशन फेज’ (गणना चरण) की प्रगति की समीक्षा करना और आगामी कार्ययोजना को अमलीजामा पहनाना था. आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि मतदाता सूचियों की शुद्धता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और इसमें राजनीतिक दलों के सहयोग के साथ-साथ जमीनी स्तर पर निगरानी को और अधिक पुख्ता किया जाएगा.
22 जुलाई को बूथ स्तर पर होगी बीएलओ और बीएलए-2 की निर्णायक बैठक
बैठक के दौरान मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने घोषणा की कि 22 जुलाई को राज्य के सभी मतदान केंद्रों पर बूथ लेवल ऑफिसर और बूथ लेवल एजेंट की तीसरी तथा अंतिम महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी. इस बैठक को सफल बनाने के लिए राजनीतिक दलों से विशेष सहयोग की अपेक्षा की गई है.
चुनाव पाठशाला का होगा आयोजन
इस बैठक के दौरान विशेष रूप से ‘चुनाव पाठशाला’ का संचालन किया जाएगा. आयोग ने सभी राजनीतिक दलों से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया है कि वे अपने बीएलए-2 की उपस्थिति इस पाठशाला में अनिवार्य रूप से दर्ज कराएं. इसके साथ ही, आम मतदाताओं को भी इसमें भाग लेने के लिए प्रेरित किया जाएगा, ताकि यदि सूची में किसी प्रकार की त्रुटि या विसंगति हो, तो उसे समय रहते दुरुस्त किया जा सके. इस बैठक का एक अन्य प्रमुख उद्देश्य अनुपस्थित, स्थानांतरित,मृत और डुप्लीकेट यानी एएसडीडी श्रेणी के मतदाताओं की सूचियों को बीएलओ और बीएलए-2 के संयुक्त सत्यापन के आधार पर अंतिम रूप देना है. इन प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद, आगामी 5 अगस्त को संशोधित मतदाता सूची का आधिकारिक ड्राफ्ट पब्लिकेशन किया जाएगा.
घबराने की जरूरत नहीं, बीएलओ से करें संपर्क
इन्यूमरेशन फॉर्म के वितरण और संग्रहण प्रक्रिया को लेकर आ रही कुछ व्यावहारिक अड़चनों पर संज्ञान लेते हुए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं. यदि किसी कारणवश वर्तमान मतदाता सूची के किसी भी मतदाता को इन्यूमरेशन फॉर्म नहीं मिल पाया है या उनका फॉर्म किसी वजह से खराब या क्षतिग्रस्त हो गया है, तो उन्हें घबराने की आवश्यकता नहीं है. ऐसे मतदाता तत्काल अपने संबंधित बीएलओ से संपर्क कर सकते हैं. बीएलओ तुरंत संबंधित ईआरओ या एईआरओ कार्यालय से समन्वय स्थापित कर नया फॉर्म उपलब्ध कराएंगे. राज्य के प्रत्येक मतदाता के इन्यूमरेशन फॉर्म का डिजिटल पीडीएफ संबंधित ईआरओ और एईआरओ कार्यालयों में सुरक्षित रूप से उपलब्ध है. आयोग ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया है कि एक ही परिवार या घर के सभी मतदाताओं के नाम एक ही मतदान केंद्र की सूची में शामिल हों, जिसके लिए मतदान केंद्रों के युक्तिकरण पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है.
राजनीतिक दलों की सक्रिय भागीदारी पर जोर
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अपील की है कि वे इस लोकतांत्रिक और पावन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और त्रुटिहीन बनाने में निर्वाचन आयोग का सक्रिय सहयोग करें. उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की सहभागिता से यह सुनिश्चित होगा कि कोई भी वास्तविक और पात्र मतदाता अपने मताधिकार से वंचित न रहने पाए. आयोग ने विश्वास जताया है कि सभी के सामूहिक प्रयासों से झारखंड में एक बेहद स्वच्छ, पारदर्शी और अद्यतन मतदाता सूची तैयार की जा सकेगी.
