Chaibasa: जिला समाहरणालय स्थित उपायुक्त प्रकोष्ठ में सोमवार को जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में जिला बाल संरक्षण इकाई के अंतर्गत संचालित स्पॉन्सरशिप योजना की प्रगति को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और पात्र बच्चों तक समयबद्ध लाभ पहुंचाने पर जोर दिया गया.
501 बच्चों की प्रगति और नए आवेदनों की हुई समीक्षा
बैठक में उपायुक्त ने योजना के तहत पहले से लाभान्वित 501 बच्चों की प्रगति और नियमित अनुश्रवण की समीक्षा की. साथ ही नवप्राप्त 118 आवेदनों के भौतिक सत्यापन की स्थिति का जायजा लेते हुए पात्र बच्चों को जल्द योजना से जोड़ने के निर्देश दिए.
90 पात्र बच्चों को शीघ्र जोड़ने के निर्देश
समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को लगभग 90 पात्र बच्चों को स्पॉन्सरशिप योजना से जोड़ने तथा उन्हें निर्धारित वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए अनुशंसा और अनुमोदन की प्रक्रिया जल्द पूरी करने का निर्देश दिया.उन्होंने कहा कि योजना का लाभ वास्तविक और पात्र बच्चों तक समयबद्ध तरीके से पहुंचाना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है. सभी लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित किया जाए, ताकि जरूरतमंद बच्चों को समय पर आर्थिक सहायता मिल सके.
शिक्षा, पोषण और समग्र विकास पर जोर
उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि स्पॉन्सरशिप योजना का उद्देश्य देखभाल और संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों को आर्थिक संबल प्रदान कर उनकी शिक्षा, पोषण और समग्र विकास सुनिश्चित करना है. उन्होंने अधिकारियों को योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ नियमित अनुश्रवण करने और प्रत्येक पात्र बच्चे तक योजना का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए.बैठक में प्रशिक्षु आईएएस, जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे.
