जामताड़ा: नशामुक्त समाज के निर्माण पर जोर, शिक्षकों से बच्चों को सही दिशा देने की अपील

Jamtara: झारखंड शिक्षा परियोजना, जामताड़ा के तत्वावधान में शुक्रवार को समाहरणालय स्थित एसजीएसवाई प्रशिक्षण भवन सभागार में निषिद्ध मादक पदार्थों की रोकथाम...

Jamtara: झारखंड शिक्षा परियोजना, जामताड़ा के तत्वावधान में शुक्रवार को समाहरणालय स्थित एसजीएसवाई प्रशिक्षण भवन सभागार में निषिद्ध मादक पदार्थों की रोकथाम एवं जागरूकता को लेकर एक दिवसीय जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आलोक कुमार एवं अन्य वरीय अधिकारियों ने दीप प्रज्वलित कर किया.

उपायुक्त की अपील

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त आलोक कुमार ने कहा कि मादक पदार्थों का सेवन केवल व्यक्तिगत समस्या नहीं, बल्कि समाज के लिए एक गंभीर चुनौती है. उन्होंने कहा कि नशा युवाओं के भविष्य, उनकी क्षमता और सपनों को प्रभावित करता है. नशामुक्त समाज से ही बेहतर और विकसित समाज की कल्पना की जा सकती है. उन्होंने शिक्षकों से अपील करते हुए कहा कि वे केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रहें, बल्कि बच्चों को गलत आदतों और नशे से दूर रखकर उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनाने में अपनी भूमिका निभाएं.

शिक्षकों की भूमिका अहम

उपायुक्त ने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण और नैतिक विकास में विद्यालय एवं शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है. सभी बच्चे पढ़ाई में बेहतर हों, यह जरूरी नहीं है. कोई खेल, संगीत या अन्य गतिविधियों में भी बेहतर हो सकता है. ऐसे में शिक्षकों को बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाने और उन्हें सही दिशा देने की जरूरत है.

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बढ़ रही नशे की समस्या

परियोजना निदेशक आईटीडीए जुगनू मिंज ने कहा कि वर्तमान समय में किशोर और स्कूली बच्चे भी नशे की गिरफ्त में आ रहे हैं, जिससे उनमें चिड़चिड़ापन, बेचैनी और अवसाद जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं. उन्होंने कहा कि जागरूकता और सामूहिक प्रयास से ही स्वस्थ समाज का निर्माण संभव है.

बच्चों की पहचान जरूरी

जिला शिक्षा पदाधिकारी चार्ल्स हेंब्रम ने कहा कि विद्यालयों में ऐसे बच्चों की पहचान करना जरूरी है, जो अचानक उदास रहने लगते हैं, विद्यालय छोड़ देते हैं या मानसिक तनाव के लक्षण दिखाते हैं. उन्होंने शिक्षकों से ऐसे बच्चों को समय पर मार्गदर्शन देने की अपील की.

नशामुक्ति की शपथ

कार्यशाला में उपस्थित सभी लोगों को “नशामुक्त भारत अभियान” के तहत जामताड़ा को नशामुक्त बनाने की शपथ दिलाई गई. वहीं मास्टर ट्रेनरों ने प्रोजेक्टर प्रस्तुतीकरण के माध्यम से मादक पदार्थों के प्रकार, उनके दुष्प्रभाव, प्रारंभिक लक्षण एवं रोकथाम के उपायों की विस्तृत जानकारी दी.

अधिकारी रहे मौजूद

कार्यक्रम में परियोजना निदेशक आईटीडीए जुगनू मिंज, जिला शिक्षा पदाधिकारी चार्ल्स हेंब्रम, प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी, एपीओ समेत कई अधिकारी एवं शिक्षक उपस्थित थे.

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