Ranchi: विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर रविवार को झारखंड प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आदिवासी कांग्रेस कमिटी की ओर से कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राज उरांव ने की. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए.कार्यक्रम में आदिवासी समाज के अधिकार, सम्मान, संस्कृति, परंपरा और संवैधानिक अधिकारों पर चर्चा की गई. वक्ताओं ने कहा कि संविधान ने आदिवासी समाज के सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक हितों की सुरक्षा के लिए कई अधिकार दिए हैं. इन अधिकारों की जानकारी समाज के हर व्यक्ति तक पहुंचाना जरूरी है.


जल-जंगल-जमीन की रक्षा प्राथमिकता : केशव महतो
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने विश्व आदिवासी दिवस की शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज देश की समृद्ध संस्कृति और जल, जंगल, जमीन और प्रकृति की रक्षा की परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है. देश के स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर राष्ट्र निर्माण तक आदिवासी समाज का महत्वपूर्ण योगदान रहा है.उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज के संवैधानिक अधिकारों, सम्मान और सामाजिक न्याय की रक्षा कांग्रेस की प्राथमिकता है. जल-जंगल-जमीन पर आदिवासियों के अधिकार और उनकी संस्कृति व पहचान की रक्षा के लिए पार्टी हमेशा आवाज उठाती रहेगी.

सिर्फ उत्सव नहीं, अधिकारों को याद करने का दिन : राज उरांव
आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राज उरांव ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस सिर्फ उत्सव मनाने का दिन नहीं है. यह आदिवासी समाज के संघर्ष, अधिकार और उपलब्धियों को याद करने का भी अवसर है.उन्होंने कहा कि आदिवासी कांग्रेस समाज के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा और उनकी समस्याओं को मजबूती से उठाने का काम करती रहेगी.कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आदिवासी अधिकारों, जल-जंगल-जमीन, संस्कृति और पहचान की रक्षा के लिए लगातार काम करने का संकल्प लिया.कार्यक्रम में डॉ. राजेश गुप्ता, सतीश पाल मुंजनी, आलोक कुमार दुबे, लाल किशोर नाथ शाहदेव, विनय सिन्हा दीपू, रविंद्र सिंह, राजन वर्मा, विजय शंकर नायक, आभा सिन्हा सहित कांग्रेस के कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे.

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