EXCLUSIVE- झारखंड: डायल-112 को मजबूत करने की तैयारी, गृह मंत्रालय ने मांगी पुरानी गाड़ियों की वर्तमान स्थिति, राज्यभर में 320 PCR वाहन तैनात

SAURAV SINGH Ranchi: झारखंड में आपातकालीन प्रतिक्रिया सेवा प्रणाली (ईआरएसएस) परियोजना को और अधिक सशक्त और सुदृढ़ बनाने की कवायद तेज हो...

SAURAV SINGH

Ranchi: झारखंड में आपातकालीन प्रतिक्रिया सेवा प्रणाली (ईआरएसएस) परियोजना को और अधिक सशक्त और सुदृढ़ बनाने की कवायद तेज हो गई है. केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय (महिला सुरक्षा विभाग) के निर्देश पर झारखंड पुलिस मुख्यालय ने राज्य के सभी जिलों से आपातकालीन वाहनों की वर्तमान स्थिति तलब की है. यह आदेश मुख्य रूप से डायल-112 सेवा के तहत सड़कों पर तैनात आपातकालीन वाहनों की संख्या में बढ़ोतरी करने के उद्देश्य से जारी किया गया है.

वित्तीय वर्ष 2015-16 के टाटा सफारी स्ट्रोम वाहनों का मांगा गया ब्योरा:

मुख्यालय द्वारा जारी निर्देश के मुताबिक, पूर्व में वित्तीय वर्ष 2015-16 के अंतर्गत उपलब्ध कराए गए हाईवे पेट्रोल और पीसीआर वाहनों (विशेषकर टाटा सफारी स्ट्रोम) की वर्तमान स्थिति मांगी गई है. झारखंड पुलिस मुख्यालय के रिपोर्ट के मुताबिक झारखंड सभी 24 जिले में 157 हाइवे पेट्रोल और 163 पीसीआर वाहन है. यानि टोटल 320 पीसीआर और हाइवे पेट्रोल वाहन है.

राज्य भर में कुल 320 पीसीआर और हाइवे पेट्रोल वाहन तैनात:

जिला हाईवे पीसीआर

रांची 15 30

लोहरदगा 04 03

गुमला 04 03

सिमडेगा 03 03

खूंटी 03 02

जमशेदपुर 10 20

सरायकेला 07 06

चाईबासा 11 05

पलामू 04 05

गढ़वा 04 03

लातेहार 02 02

हजारीबाग 12 07

कोडरमा 05 03

गिरिडीह 06 05

चतरा 03 03

रामगढ़ 10 06

बोकारो 10 15

धनबाद 10 20

दुमका 07 04

देवघर 07 05

जामताड़ा 02 03

साहिबगंज 06 04

गोड्डा 06 03

पाकुड़ 06 03

कुल योग 157 163

सुरक्षा व्यवस्था पर क्या होगा असर?:

इस डेटा के संकलन के बाद केंद्र सरकार को नई गाड़ियों की खरीद और आवंटन का प्रस्ताव भेजा जाएगा. डायल-112 सेवा के तहत नए वाहनों के बेड़े में शामिल होने से राज्य में आपातकालीन स्थितियों, सड़क दुर्घटनाओं और महिला सुरक्षा से जुड़ी शिकायतों पर पुलिस का रिस्पांस टाइम (घटनास्थल पर पहुंचने का समय) काफी कम हो जाएगा, जिससे राज्य की कानून व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी.

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