Ranchi: झारखंड मुक्ति मोर्चा ने भाजपा द्वारा राज्य सरकार पर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित बताया है. झामुमो महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने कहा कि भाजपा नेताओं को झारखंड सरकार पर उंगली उठाने से पहले केंद्र सरकार की नाकामियों और जनता पर पड़ रहे उसके दुष्प्रभावों का जवाब देना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा रोज नए मनगढ़ंत आंकड़े पेश कर टीवी चैनलों के माध्यम से जनता को भ्रमित करने का असफल प्रयास कर रही है.

पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर घेरा
विनोद कुमार पांडेय ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों का हवाला देते हुए केंद्र की आर्थिक नीतियों पर गंभीर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि जब वैश्विक बाजार में कच्चा तेल 108 डॉलर प्रति बैरल था, तब महंगाई के लिए वैश्विक संकट को जिम्मेदार ठहराया जाता था. लेकिन आज जब कीमतें घटकर लगभग 87 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई हैं, तो पेट्रोल-डीजल के दाम कम क्यों नहीं किए जा रहे? केंद्र सरकार ने जनता को सिर्फ पैसे निकालने वाली एटीएम मशीन समझ लिया है. जब तेल कंपनियां घाटे में होने का दावा करती हैं, तो उनके शेयर लगातार मजबूत कैसे हो रहे हैं? यह विरोधाभास भाजपा के दोहरे मापदंड को उजागर करता है. इसके अलावा, गिरते रुपये को संभालने में भी केंद्र पूरी तरह विफल साबित हुई है.
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हेमंत सरकार के काम से घबराई भाजपा
झामुमो महासचिव ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार जनकल्याण, सामाजिक सुरक्षा, रोजगार, शिक्षा और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्य कर रही है. चूंकि भाजपा के पास जनता से जुड़े मुद्दों पर कोई सकारात्मक एजेंडा नहीं बचा है, इसलिए वह निराधार आरोपों और भ्रम की राजनीति का सहारा ले रही है. उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि झारखंड की जागरूक जनता इस बहकावे में आने वाली नहीं है और समय आने पर भाजपा को इसका करारा जवाब देगी.
