Chaibasa: पश्चिमी सिंहभूम के DC मनीष कुमार की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित प्रकोष्ठ में जिले की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा एवं उसे और सुदृढ़ बनाने को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. बैठक में उप विकास आयुक्त, सिविल सर्जन, पोड़ाहाट-चक्रधरपुर अनुमंडल पदाधिकारी, जिला अग्निशमन पदाधिकारी समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे.
बैठक में DC ने हाल के दिनों में बढ़ी आगजनी की घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए चाईबासा और चक्रधरपुर के होटल, लॉज, हॉस्टल, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों एवं सार्वजनिक भवनों में अग्नि सुरक्षा मानकों की विशेष जांच कराने का निर्देश दिया. उन्होंने जिला अग्निशमन विभाग को संकरी गलियों में संचालित दुकानों, गोदामों और अन्य प्रतिष्ठानों का भी सर्वेक्षण कर अग्निशमन यंत्र, आपातकालीन निकास, विद्युत वायरिंग और सुरक्षा मानकों की जांच सुनिश्चित करने को कहा.

स्वास्थ्य संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी फोकस
DC ने विद्युत शॉर्ट सर्किट को आग लगने का प्रमुख कारण बताते हुए पुराने और जर्जर तारों, अवैध कनेक्शनों तथा अधिक विद्युत भार वाले प्रतिष्ठानों की पहचान कर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए. साथ ही व्यवसायियों को विद्युत एवं अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाने पर जोर दिया. इस दौरन स्वास्थ्य संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की गई. DC ने सदर अस्पताल, अनुमंडल अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता और उनकी कार्यशीलता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.
उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन नहीं पाया जाएगा, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य दंडात्मक कार्रवाई नहीं, बल्कि संभावित दुर्घटनाओं की रोकथाम कर लोगों के जीवन और संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करना है. इसके लिए जल्द ही जिलेभर में विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा.
ALSO READ: मादक पदार्थों के खिलाफ जागरूकता रैली, नशा मुक्त सिमडेगा बनाने की पहल
