पूर्व CM के पूर्व निजी सचिव के घर वन विभाग की छापेमारी मामला: ट्रेनी IFS अधिकारी समेत अन्य के खिलाफ शिकायत, पढ़ें पूरा घटनाक्रम

Dumka : जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री के पूर्व निजी सचिव विवेकानंद राउत उर्फ...

Dumka : जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री के पूर्व निजी सचिव विवेकानंद राउत उर्फ विवेक राउत के महुआ डंगाल स्थित आवास पर वन विभाग की शनिवार को हुई छापेमारी के बाद भारी बवाल हो गया है. इस मामले में कार्रवाई का नेतृत्व कर रहे ट्रेनी IFS अधिकारी और वन विभाग की टीम के खिलाफ दुमका के नगर थाना में शिकायत किया गया. अधिकारियों पर बिना सर्च वारंट के घर में घुसने, दुर्व्यवहार करने और गलत पते पर छापेमारी करने का गंभीर आरोप लगा है.

बिना वारंट और गलत पते पर छापेमारी का आरोप

यह शिकायत विवेक राउत के भांजे भू देव राउत द्वारा किया गया है. पुलिस को दी गई शिकायत में कहा गया है कि शनिवार सुबह वन विभाग की टीम बिना किसी सर्च वारंट या कानूनी कागजात के उनके घर में घुस गई और तलाशी लेने लगी. शिकायतकर्ता के अनुसार, घर के सदस्य लगातार वन कर्मियों को समझाते रहे कि वे जिस पंकज कुमार राउत को तलाश रहे हैं, यह उनका घर नहीं है. यह घर विवेक कुमार राउत का है, जबकि पंकज राउत रिश्ते में विवेक राउत के भतीजे लगते हैं. इसके बावजूद वन विभाग की टीम ने उनकी एक न सुनी और जबरन तलाशी ली.

सुबह-सुबह पुलिस बल के साथ पहुंची टीम, हुआ जमकर हंगामा

शनिवार की सुबह वन विभाग की टीम झारखंड पुलिस के जवानों को साथ लेकर अचानक विवेक राउत के महुआ डंगाल स्थित आवास पर धमक पड़ी. छापेमारी की भनक लगते ही इलाके में हड़कंप मच गया और देखते ही देखते आसपास के स्थानीय लोग बड़ी संख्या में वहां जमा हो गए. गुस्साए लोगों ने घर के मुख्य गेट को घेर लिया और वन विभाग की टीम से छापेमारी का कारण और सर्च वारंट दिखाने की मांग करने लगे. वन विभाग की टीम शुरुआत में कुछ भी बताने को तैयार नहीं थी और घर का ताला तोड़ने की कोशिश करने लगी. इसे लेकर स्थानीय लोगों और वन कर्मियों के बीच करीब डेढ़ घंटे तक तीखी बहस और हंगामा होता रहा.

10 मिनट के अंदर खाली हाथ लौटी टीम

काफी हंगामे और गतिरोध के बाद यह सहमति बनी कि टीम के कुछ चुनिंदा लोग ही अंदर जाकर जांच करेंगे. इसके बाद ट्रेनी आईएफएस अधिकारी अपने बॉडीगार्ड और महिला पुलिस कर्मियों के साथ घर के अंदर दाखिल हुए. करीब 10 मिनट तक अंदर छानबीन करने के बाद जब वे बाहर निकले, तो आक्रोशित जनता ने उन्हें घेर लिया, हालांकि, अधिकारी यह कहते हुए तेजी से अपनी गाड़ी में बैठकर निकल गए कि अंदर कुछ नहीं मिला है.

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के अनुसार यह मामला वर्ष 13 जून को क्षेत्र में प्रतिबंध के बावजूद ‘लालजी पटेल एंड कंपनी सॉ मिल’ (आरा मिल) के संचालन की सूचना मिली थी, जिस पर वन विभाग ने छापेमारी की थी. उस दौरान पंकज राउत और मिल संचालक जयपाल राउत ने वन कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार किया था और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाई थी. इस मामले में जब चार्जशीट दाखिल की गई, तो दोनों को नामजद आरोपी बनाया गया. इसी केस में आरोपी पंकज राउत की गिरफ्तारी के लिए वन विभाग की टीम वहां पहुंची थी, लेकिन वह मौके पर नहीं मिला. फिलहाल, गलत पते पर छापेमारी और बिना वारंट के की गई इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है और नगर थाना पुलिस पीड़ित परिवार की शिकायत पर मामले की छानबीन कर रही है.

सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *