Ranchi: झारखंड के वन विभाग में विभिन्न कर्मचारी संगठनों और संघों की मांगों एवं समस्याओं के समाधान की कवायद शुरू कर दी है. प्रधान मुख्य वन संरक्षक कार्यालय, झारखंड द्वारा जारी एक आधिकारिक आदेश के तहत, कर्मचारियों के आवेदनों की समीक्षा और त्वरित सुनवाई के लिए एक स्थायी समिति का गठन किया गया है. यह आदेश तत्काल प्रभाव से पूरे राज्य में लागू कर दिया गया है.
समिति की रूपरेखा और जिम्मेदारी
गठित की गई इस उच्च स्तरीय समिति में चार वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया गया है जिसमें अध्यक्ष अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक, मानव संसाधन विकास होंगे. जबकि सदस्य के रूप में मुख्य वन संरक्षक, कार्मिक (राजपत्रित), मुख्य वन संरक्षक, कार्मिक (अराजपत्रित), और वन संरक्षक, प्रशासन, को शामिल किया गया है.
जारी निर्देश के अनुसार, यह समिति सभी कर्मचारी संघों की मांगों को गंभीरता से सुनेगी और अपनी रिपोर्ट व सुझाव प्रधान मुख्य वन संरक्षक को सौंपेगी.कार्यप्रणाली को सुचारू बनाने के लिए ‘सदस्य सचिव’ की जिम्मेदारी दो भागों में बांटी गई है. राजपत्रित पदाधिकारियों से जुड़े मामलों के लिए मुख्य वन संरक्षक, कार्मिक (राजपत्रित) सदस्य सचिव की भूमिका निभाएंगे. वहीं, अराजपत्रित कर्मचारियों की मांगों के लिए मुख्य वन संरक्षक, कार्मिक (अराजपत्रित) को सदस्य सचिव बनाया गया है.
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