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पश्चिमी सिंहभूम के दूरदराज गांवों में निःशुल्क आयुष स्वास्थ्य शिविर आयोजित, 168 ग्रामीणों ने उठाया लाभ

Chaibasa: पश्चिमी सिंहभूम जिले के सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों में निःशुल्क आयुष स्वास्थ्य शिविरों का सफल आयोजन किया गया. इन शिविरों के माध्यम...

आयुष स्वास्थ्य शिविर में ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच करते चिकित्सक
आयुष स्वास्थ्य शिविर में ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच करते चिकित्सक

Chaibasa: पश्चिमी सिंहभूम जिले के सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों में निःशुल्क आयुष स्वास्थ्य शिविरों का सफल आयोजन किया गया. इन शिविरों के माध्यम से क्षेत्र के कुल 168 लाभार्थियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और जरूरतमंदों के बीच निःशुल्क आयुष औषधियों का वितरण किया गया.

स्वास्थ्य जांच के साथ निःशुल्क दवाओं का वितरण

स्वास्थ्य शिविरों के दौरान ग्रामीणों की सुविधा के लिए रक्तचाप, मधुमेह, हीमोग्लोबिन, मलेरिया और सिकल सेल जैसी विभिन्न आवश्यक जांचें पूर्णतः निःशुल्क की गईं. चिकित्सकों ने बुखार, खांसी-जुकाम, शरीर दर्द, त्वचा रोग के साथ-साथ महिलाओं और बच्चों से जुड़ी विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित मरीजों का गहन चिकित्सकीय परीक्षण कर उन्हें आवश्यक परामर्श और उपचार प्रदान किया. इन शिविरों में डॉ. निशा, डॉ. मैनुद्दीन, डॉ. आशिक, डॉ. धर्मराज, डॉ. कविता और डॉ. अनीश ने अपनी समर्पित सेवाएं प्रदान कीं.

योग और मलेरिया बचाव के प्रति भी किया गया जागरूक

यह विशेष स्वास्थ्य शिविर जगन्नाथपुर प्रखंड के बुकासाई, चक्रधरपुर के आराहंगा, सदर चाईबासा के गाड़ीखाना, गोइलकेरा के तोड़ंगसाई, गुदड़ी प्रखंड तथा तांतनगर के कासेया गांव में आयोजित किए गए. शिविर के दौरान विशेष योग सत्रों का भी आयोजन किया गया, जहां उपस्थित ग्रामीणों को नियमित योग, प्राणायाम और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया.

इसके साथ ही ग्रामीणों को मलेरिया के कारण, लक्षण और बचाव के उपायों के बारे में विस्तार से जागरूक किया गया. चिकित्सा टीम ने बताया कि मलेरिया संक्रमित मादा एनोफिलीज़ मच्छर के काटने से फैलता है. इससे बचने के लिए आसपास नियमित साफ-सफाई रखने, पानी जमा न होने देने, मच्छरदानी का अनिवार्य प्रयोग करने और पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनने की सलाह दी गई. चिकित्सकों ने स्पष्ट किया कि तेज बुखार, ठंड लगने या कंपकंपी जैसे लक्षण दिखते ही तुरंत निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में जांच और उपचार कराएं. चिकित्सकों ने ग्रामीणों से अपील की कि वे किसी भी स्वास्थ्य समस्या को नजरअंदाज न करें और आवश्यकता पड़ने पर अपनी स्थानीय ग्राम साहिया से संपर्क करें या निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर समय पर जांच एवं डॉक्टरी परामर्श लें.

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