Ranchi : झारखंड में आम नागरिकों को बेहतर और सुलभ चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए राज्य सरकार ने एक अरब 22 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी है. आयुष्मान भारत-मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना से लेकर दूरदराज के क्षेत्रों में ‘चलंत ग्राम क्लीनिक’ और शहरी मलिन बस्तियों के लिए ‘मदर टेरेसा एडवांस्ड हेल्थ क्लीनिक’ तक के लिए इस राशि की स्वीकृति दी गई है.
अब 15 लाख तक का स्वास्थ्य कवरेज
राज्य सरकार ने केंद्र प्रायोजित ‘आयुष्मान भारत-मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना’ के तहत राज्यांश मद में 1 अरब 10 करोड़ रुपये की बड़ी राशि आवंटित की है. इस योजना से झारखंड के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के 28,05,753 लाभुक परिवार दायरे में आएंगे. इसमें स्वास्थ्य बीमा राशि को 5 लाख रुपये प्रति परिवार से बढ़ाकर 15 लाख रुपये तक करने का निर्णय लिया गया है. वर्तमान में प्रचलित प्रक्रिया के अनुसार, 5 लाख रुपये तक का व्यय सामान्य तरीके से किया जाएगा. जबकि 5 लाख से ऊपर की 15 लाख रुपये तक की राशि का पूरा वहन राज्य सरकार अपने स्तर से करेगी.
आदिम जनजातियों के लिए चलंत ग्राम क्लीनिक
झारखंड के आदिम जनजाति समूह बाहुल्य गांवों तक स्वास्थ्य सेवाओं को ले जाने के लिए ‘चलंत ग्राम क्लीनिक’ योजना को नई गति दी गई है. इसके संचालन और प्रबंधन के लिए सरकार ने 1 करोड़ 39 लाख 59 हजार 391 रुपये की स्वीकृति दी है. यह सेवा मुख्य रूप से गुमला, दुमका, खूंटी, बोकारो, चतरा, गोड्डा, कोडरमा, पाकुड़, रामगढ़, गिरिडीह और हजारीबाग जैसे जिलों में उन निवासियों के लिए वरदान साबित होगी, जो दुर्गम इलाकों में रहते हैं. संबंधित जिलों के सिविल सर्जनों को निर्देश दिया गया है कि वे इस राशि का प्रबंधन जिला स्वास्थ्य समिति के माध्यम से करें ताकि आदिम जनजाति समुदायों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं बिना किसी बाधा के प्राप्त हो सकें.
शहरी झुग्गी बस्तियों में मदर टेरेसा एडवांस्ड हेल्थ क्लीनिक
शहरी क्षेत्रों में रहने वाले गरीब और मलिन बस्तियों के निवासियों के लिए सरकार ‘मदर टेरेसा एडवांस्ड हेल्थ क्लीनिक’ के माध्यम से स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करा रही है. इस योजना के संचालन के लिए 8 करोड़ 15 लाख 15 हजार 200 रुपये की स्वीकृति दी गई है. यह राशि विभिन्न जिलों जैसे बोकारो, गोड्डा, गिरिडीह, हजारीबाग, कोडरमा, रामगढ़, गढ़वा, पलामू, पाकुड़, साहिबगंज, दुमका, गुमला, जामताड़ा, लातेहार, लोहरदगा और खूंटी में क्लीनिकों के संचालन और चिकित्सीय आपूर्ति के लिए उपयोग में लाई जाएगी. अभियान निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि ‘हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर’ और इन क्लीनिकों के कार्यों में कोई दोहराव न हो और दोनों योजनाओं का सामंजस्य बैठाकर शहरी गरीबों को बेहतर इलाज किया जा सकें. राज्य सरकार ने ‘नेशनल रूरल हेल्थ मिशन’ के अंतर्गत आइएम IM एंड कांइंड ग्रांट के लिए 1 अरब रुपये की स्वीकृति प्रदान की है. इस राशि का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण स्वास्थ्य प्रणाली को सुदृढ़ करना है.
ALSO READ : झारखंड में बारिश की भारी कमी, 24 जिलों में सामान्य से 41 फीसदी कम बारिश
