Ranchi: कोविड प्रोत्साहन राशि घोटाले के कथित गोपनीय दस्तावेज लीक मामले में एक नया मोड़ आया है. एमपी-एमएलए की विशेष अदालत ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए विभाग के कर्मचारी शंभू सिंह को आरोपी बनाने की अनुमति दे दी है. कोर्ट ने शंभू सिंह को समन जारी करते हुए 5 अगस्त को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया है.
क्या है पूरा मामला?
यह मामला मई 2022 का है, जब स्वास्थ्य विभाग के अवर सचिव ने डोरंडा थाना में विधायक सरयू राय के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी. आरोप था कि सरयू राय ने विभाग के गोपनीय दस्तावेजों को न केवल चुराया, बल्कि उन्हें सार्वजनिक कर तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता पर कोविड प्रोत्साहन राशि में घोटाले का आरोप लगाया. सरयू राय का दावा था कि नियमों को दरकिनार कर 60 लोगों को अवैध तरीके से भुगतान किया गया था.
अभियोजन पक्ष की दलील और कोर्ट का रुख
अदालत में अभियोजन पक्ष ने सीआरपीसी की धारा 319 के तहत याचिका दायर की थी. सरकारी पक्ष के चार प्रमुख गवाहों ने अपने बयानों में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि उन्होंने शंभू सिंह को कार्यालय में उन गोपनीय दस्तावेजों की तस्वीरें लेते हुए रंगे हाथों देखा था. अब तक इस मामले में अनुसंधानकर्ता सहित कुल 12 गवाहों की गवाही पूरी हो चुकी है.
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