8th Pay Commission: बेसिक पे में DA जोड़ने की क्यों उठ रही है मांग?

Newswave Desk: केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों का प्रतिनिधित्व करने वाले कई समूह, बढ़ती महंगाई से जूझ रहे कर्मचारियों को कुछ...

8th Pay Commission
8th Pay Commission: Why is there a demand to merge DA with basic pay?

Newswave Desk: केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों का प्रतिनिधित्व करने वाले कई समूह, बढ़ती महंगाई से जूझ रहे कर्मचारियों को कुछ राहत देने के मकसद से, 8वें वेतन आयोग के तहत महंगाई भत्ते (DA) को मूल वेतन में मिलाने की वकालत कर रहे हैं.क्योंकि 8वां केंद्रीय वेतन आयोग अभी अपनी रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया में है, इसलिए इन कर्मचारी समूहों को उम्मीद है कि DA को मूल वेतन में मिलाया जा सकता है.

DA क्या होता है ?

DA कर्मचारी की बेसिक सैलरी का एक भाग है, जिसे महंगाई के कारण उनके रहन-सहन के खर्च पर पड़ने वाले असर को कम करने के लिए बनाया गया है. DA (Dearness Allowance) बढ़ोतरी से कर्मचारियों की ‘टेक-होम पे’ (हाथ में आने वाली सैलरी) बढ़ जाती है, जिससे महंगाई से थोड़ी राहत मिलती है. बता दें, सरकार हर साल में बार यानी एक बार मार्च में (जनवरी-जून की अवधि के लिए) और दूसरी बार बार सितंबर/अक्टूबर में (जुलाई-दिसंबर की अवधि के लिए).

इसकी गणना ‘औद्योगिक श्रमिकों के लिए अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक’ (AICPI-IW) के आधार पर की जाती है. 7वें वेतन आयोग के तहत केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए, DA की गणना इस फ़ॉर्मूले से की जाती थी: DA% = (औसत AICPI (12 महीने) – 261.42) / 261.42 × 100. ध्यान देने वाली बात यह है कि इस फॉर्मूले में इस्तेमाल किया गया 261.42 का आंकड़ा, 7वें वेतन आयोग के लागू होने के समय 12 महीने के औसत AICPI-IW को दिखाता है, जो 2016 के आधार वर्ष पर आधारित है. यह आंकड़ा महंगाई की गणना के लिए आधार रेखा (बेसलाइन) का काम करता है.

इस साल अप्रैल में, मोदी सरकार ने केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते (DA) में 2% की बढ़ोतरी की घोषणा की. साथ ही DA को मूल वेतन के 58% से बढ़ाकर 60% कर दिया गया है। DA के विलय का नियम कार्यरत कर्मचारियों और पेंशनभोगियों, दोनों पर लागू होगा. महंगाई राहत (DR) का भी विलय किया जाएगा, जिससे मासिक पेंशन में बढ़ोतरी होगी.

DA Merger के कई फायदे हैं

  • इसका मुख्य फायदा हाथ में आने वाली सैलरी (टेक-होम सैलरी) का बढ़ना है. ज़्यादा पैसे होने से जीवनशैली को बेहतर बनाया जा सकता है.
  • बेसिक पे बढ़ने से कर्मचारी और सरकार, दोनों की तरफ़ से प्रोविडेंट फंड (PF) में ज़्यादा योगदान होता है, जिससे रिटायरमेंट के समय मिलने वाली कुल रकम (कॉर्पस) बढ़ जाती है.
  • ग्रेच्युटी और लीव एनकैशमेंट के मामले में भी फ़ायदे होते हैं, क्योंकि ग्रेच्युटी की गणना महंगाई भत्ते (DA) के आधार पर की जाती है. बेसिक पे ज़्यादा होने का मतलब है कि रिटायरमेंट पर मिलने वाली ग्रेच्युटी और लीव एनकैशमेंट की रकम में लाखों रुपयों का फायदा होता है.

ALSO READ: चंद्रशेखर आजाद दुर्गा पूजा समिति ने श्रद्धासुमन अर्पित कर अमर क्रांतिकारी के बलिदान और राष्ट्रभक्ति को किया नमन

सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *