Giridih: जिले के शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालयों में अध्ययनरत बीएड एवं डीएलएड प्रशिक्षुओं के विद्यालय अवलोकन तथा अभ्यास पाठ को लेकर जिला उपायुक्त श्री रामनिवास यादव ने मंगलवार को अपने कार्यालय प्रकोष्ठ में महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की. बैठक में प्रशिक्षुओं को विद्यालय आवंटित किए जाने की प्रक्रिया, विद्यालयों के चयन तथा व्यावहारिक प्रशिक्षण को प्रभावी बनाने से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई.
विद्यालयी वातावरण में व्यावहारिक अनुभव जरूरी
उपायुक्त ने कहा कि बीएड एवं डीएलएड प्रशिक्षुओं के लिए विद्यालय अवलोकन और अभ्यास पाठ शिक्षक प्रशिक्षण का अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा है. इसके माध्यम से प्रशिक्षुओं को वास्तविक विद्यालयी वातावरण में कार्य करने, कक्षा में शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को समझने तथा विद्यार्थियों की आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षण पद्धतियों को अपनाने का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होता है. उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षुओं को केवल सैद्धांतिक जानकारी तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें विद्यालय की दैनिक गतिविधियों, कक्षा प्रबंधन, विद्यार्थियों के व्यवहार, शिक्षण पद्धति और शिक्षक की जिम्मेदारियों को नजदीक से समझने का अवसर मिलना चाहिए. इससे भविष्य में वे एक बेहतर और प्रभावी शिक्षक के रूप में अपनी भूमिका निभाने के लिए तैयार हो सकेंगे.
विद्यालय आवंटन प्रक्रिया में पारदर्शिता के निर्देश
बैठक के दौरान उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रशिक्षुओं के लिए विद्यालय आवंटन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, सुव्यवस्थित और आवश्यकता के अनुरूप हो. उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्यालयों का चयन करते समय प्रशिक्षुओं की संख्या, विद्यालयों की उपलब्धता और प्रशिक्षण की गुणवत्ता जैसे आवश्यक पहलुओं को ध्यान में रखा जाए, ताकि सभी प्रशिक्षुओं को समान रूप से गुणवत्तापूर्ण व्यावहारिक प्रशिक्षण का अवसर मिल सके.
प्रशिक्षण की गुणवत्ता पर विशेष जोर
उपायुक्त ने विद्यालय अवलोकन एवं अभ्यास पाठ के दौरान प्रशिक्षुओं के शैक्षणिक अनुभव को अधिक प्रभावी बनाने पर भी विशेष जोर दिया. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों और विद्यालयों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया, ताकि प्रशिक्षण कार्यक्रम के संचालन में किसी प्रकार की परेशानी उत्पन्न न हो. उन्होंने कहा कि प्रशिक्षुओं को विद्यालयों में बेहतर मार्गदर्शन और आवश्यक शैक्षणिक सहयोग उपलब्ध कराया जाना चाहिए. साथ ही, पूरी प्रक्रिया की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए, जिससे प्रशिक्षण के निर्धारित उद्देश्यों को प्रभावी ढंग से पूरा किया जा सके.
शिक्षा विभाग के अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक सहित शिक्षा विभाग के अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे. अधिकारियों ने विद्यालय आवंटन एवं प्रशिक्षुओं के अभ्यास पाठ से संबंधित आवश्यक जानकारी उपायुक्त के समक्ष प्रस्तुत की. उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा.
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