Giridih: भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर जिले में चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत गणना प्रपत्रों के संग्रहण और डिजिटाइजेशन का कार्य पूरा कर लिया गया है. जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त रामनिवास यादव ने बताया कि प्रशासन का लक्ष्य शुद्ध, पारदर्शी और त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार करना है, ताकि जिले के सभी पात्र नागरिकों का नाम मतदाता सूची में शामिल हो सके.
5 अगस्त को प्रकाशित होगी प्रारूप मतदाता सूची
उपायुक्त ने बताया कि 5 अगस्त 2026 को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी. सभी मतदाताओं से अपील की गई है कि वे सूची में अपना नाम जरूर जांच लें. यदि नाम दर्ज नहीं है या किसी प्रकार की गलती है, तो निर्धारित समय सीमा के अंदर दावा एवं आपत्ति दर्ज कराकर सुधार कराया जा सकता है.
4 सितंबर तक दर्ज होगी दावा-आपत्ति
प्रारूप मतदाता सूची पर दावा और आपत्ति दर्ज कराने की प्रक्रिया 5 अगस्त से 4 सितंबर 2026 तक चलेगी. इस दौरान मतदाता सूची में नाम जोड़ने, संशोधन कराने या नाम हटाने से संबंधित आवेदन निर्धारित प्रक्रिया के तहत स्वीकार किए जाएंगे.उपायुक्त ने बताया कि यदि कोई पात्र मतदाता किसी कारणवश SIR अभियान के दौरान गणना प्रपत्र जमा नहीं कर पाया है, तो वह प्रपत्र-6 और घोषणा पत्र भरकर अपने संबंधित बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) को जमा कर सकता है. जांच के बाद पात्र पाए जाने पर उसका नाम मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा.

7 अक्टूबर को जारी होगी अंतिम सूची
उपायुक्त ने बताया कि 5 अगस्त से 3 अक्टूबर 2026 तक प्राप्त सभी दावों और आपत्तियों का परीक्षण एवं निष्पादन किया जाएगा. इसके बाद 7 अक्टूबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी.उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए पूरी गंभीरता से काम कर रहा है.
वंचित मतदाताओं को जोड़ने पर जोर
उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसे सभी पात्र मतदाताओं को जागरूक किया जाए, जो किसी कारणवश SIR प्रक्रिया से जुड़ नहीं सके हैं. उन्होंने कहा कि प्रशासन का प्रयास है कि जिले का कोई भी पात्र नागरिक अपने मताधिकार से वंचित न रहे और सभी योग्य मतदाताओं का नाम सूची में शामिल हो.
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