Giridih: मानसून के मौसम में जंगल से लाए गए देशी मशरूम का सेवन एक परिवार के लिए भारी पड़ गया. गिरिडीह जिले के जमुआ थाना क्षेत्र के नवडीहा गांव में देशी मशरूम खाने से एक ही परिवार के 10 सदस्य अचानक बीमार हो गए. सभी को उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायत होने लगी, जिसके बाद परिजनों में अफरा-तफरी मच गई. आनन-फानन में सभी को गिरिडीह सदर अस्पताल लाया गया, जहां आयुष्मान वार्ड में उनका इलाज चल रहा है. चिकित्सकों के अनुसार सभी मरीज फिलहाल खतरे से बाहर हैं.
देशी मशरूम खाते ही परिवार के सदस्यों की तबीयत
जानकारी के अनुसार, नवडीहा गांव निवासी सहदेव वर्मा के घर मंगलवार सुबह नाश्ते में देशी मशरूम की सब्जी और रोटी बनाई गई थी. परिवार के सदस्यों ने इसका सेवन किया. कुछ ही देर बाद एक-एक कर सभी की तबीयत बिगड़ने लगी. सबसे पहले उल्टी और दस्त की शिकायत शुरू हुई, जिसके बाद कमजोरी और पेट में तेज दर्द होने लगा.
तीन बच्चे और सात वयस्क शामिल
बीमार होने वालों में नीलम देवी, शिवम कुमार, 12 वर्षीय कृष्ण कुमार, पीयूष कुमार, अभिलाषा कुमारी, सिकंदर कुमार सहित कुल 10 सदस्य शामिल हैं. इनमें तीन बच्चे और सात वयस्क बताए जा रहे हैं. परिवार के अन्य सदस्यों ने सभी को तत्काल सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों की टीम ने सभी का उपचार शुरू किया. अस्पताल सूत्रों के अनुसार, समय पर इलाज मिलने से सभी मरीजों की स्थिति में सुधार हो रहा है और फिलहाल किसी की हालत गंभीर नहीं है. डॉक्टर लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं.
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से की अपील
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है, कि बरसात के मौसम में उगने वाले कई प्रकार के जंगली या देशी मशरूम जहरीले होते हैं. सामान्य लोगों के लिए खाद्य और विषैले मशरूम की पहचान करना बेहद कठिन होता है. ऐसे में बिना पूरी जानकारी के जंगल या खेतों से लाए गए मशरूम का सेवन जानलेवा साबित हो सकता है. वहीं, इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है, कि मानसून के दौरान जंगली या अज्ञात प्रजाति के मशरूम का सेवन करने से बचें. यदि मशरूम खाने के बाद उल्टी, दस्त, पेट दर्द, चक्कर या अन्य असामान्य लक्षण दिखाई दें तो बिना देर किए निकटतम अस्पताल में इलाज कराएं.
