Ranchi: राज्य में होने वाले आगामी पंचायत चुनाव को लेकर पिछड़ा वर्ग आयोग ने अपनी तैयारी तेज कर दी है। कर्मचारियों की भारी कमी से जूझ रहे आयोग ने अब ट्रिपल टेस्ट की प्रक्रिया को समय पर पूरा करने के लिए बाहरी एजेंसी की मदद लेने का फैसला किया है. इसके लिए जल्द ही एजेंसी चयन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. इससे पहले नगर निकाय चुनाव के दौरान भी आयोग ने निजी एजेंसी के जरिए डेटा संग्रह और सर्वे का काम कराया था.

दरअसल, वर्ष 2022 के पंचायत चुनाव में ट्रिपल टेस्ट पूरा नहीं होने की वजह से अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) को आरक्षण का लाभ नहीं मिल पाया था. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद कई सीटों को सामान्य घोषित कर चुनाव कराया गया था. उस समय यह मामला राजनीतिक रूप से काफी गरमाया था और विपक्ष ने सरकार तथा आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए थे.
आयोग पंचायत स्तर पर जाकर आंकड़े जुटाएगा
अब आयोग इस बार किसी तरह की चूक नहीं चाहता. सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के मुताबिक चुनाव से पहले OBC समुदाय की आबादी, सामाजिक स्थिति और राजनीतिक प्रतिनिधित्व का विस्तृत सर्वे जरूरी है. आयोग पंचायत स्तर पर जाकर आंकड़े जुटाएगा और उसी आधार पर अंतिम रिपोर्ट तैयार की जाएगी.
इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और OBC को मिलाकर कुल आरक्षण 50 प्रतिशत की संवैधानिक सीमा के भीतर रहे. सर्वे रिपोर्ट के आधार पर पंचायतों और वार्डों में आरक्षण का रोटेशन भी तय किया जाएगा, ताकि किन सीटों को ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित किया जाएगा यह स्पष्ट हो सके.
आगामी पंचायत चुनाव में वार्ड सदस्य, मुखिया, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य के लिए सीधे मतदान होगा, जबकि उपमुखिया, प्रखंड प्रमुख और जिला परिषद अध्यक्ष का चुनाव अप्रत्यक्ष प्रणाली से कराया जाएगा. निर्वाचित प्रतिनिधि ही बाद में इन पदों के लिए मतदान करेंगे.
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