Ranchi: झारखंड सरकार ने न्यायिक और प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में अहम फैसला लिया है. उच्च और सर्वोच्च न्यायालयों के आदेशों के आलोक में राज्य की प्रशासी पदवर्ग समिति ने दो महत्वपूर्ण विभागों में कुल 10 नए छाया पदों के सृजन के प्रस्ताव को अपनी आधिकारिक मंजूरी दे दी है. इस फैसले से जहां न्यायिक प्रक्रियाओं को गति मिलेगी, वहीं जल संसाधन विभाग में लंबे समय से प्रोन्नति का इंतजार कर रहे अभियंताओं का रास्ता भी साफ हो गया है.

न्यायालय के आदेशों का अनुपालन, मुख्य सचिव की अध्यक्षता में फैसला
मुख्य सचिव अविनाश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित प्रशासी पदवर्ग समिति की बैठक में परिचालन के माध्यम से यह निर्णय लिया गया. इस उच्चस्तरीय समिति में विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, कार्मिक सचिव प्रवीण कुमार टोप्पो, वित्त सचिव प्रशांत कुमार और योजना एवं विकास सचिव मुकेश कुमार शामिल थे. समिति ने दोनों विभागों के प्रस्तावों की समीक्षा के बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से स्वीकृत कर दिया.
इन दो प्रमुख प्रस्तावों पर लगी मुहर
• जिला न्यायाधीश स्तर के 05 पद: कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग के संलेख के आलोक में, सर्वोच्च न्यायालय द्वारा ‘धर्मेन्द्र कुमार सिंह एवं अन्य बनाम झारखंड उच्च न्यायालय मामले में पारित न्यायादेश के आलोक में जिला न्यायाधीश स्तर के 05 छाया पदों का सृजन किया गया है.
• 05 सहायक अभियंता (यांत्रिक) के पद: जल संसाधन विभाग के अंतर्गत झारखंड अभियंत्रण सेवा के तहत कनीय अभियंता से सहायक अभियंता (यांत्रिक) के पद पर नियमित प्रोन्नति के लिए 05 छाया पदों को मंजूरी दी गई है. इन पदों का वेतनमान पे-मैट्रिक्स लेवल-9 निर्धारित किया गया है.
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