Dhanbad: झारखंड के कोयलांचल धनबाद में लगातार हो रही भू-धंसान की घटनाओं ने स्थानीय निवासियों का जीना मुहाल कर दिया है. कतरास थाना क्षेत्र के छाताबाद में एक बार फिर तेज आवाज के साथ जमीन धंस गई. काजू बागान स्थित बड़े तालाब के पास हुए इस भू-धंसान के कारण जमीन के बीचों-बीच एक विशाल गोफ बन गया है. सबसे ज्यादा चिंताजनक बात यह रही कि गोफ बनते ही पास के तालाब का पानी तेजी से जमीन की गहराइयों में समाने लगा. देखते ही देखते इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे.

आंदोलन खत्म होने के दूसरे ही दिन आई आपदा
इस घटना की सबसे बड़ी विडंबना यह है कि प्रभावित क्षेत्र के लोगों ने 20 दिनों से चला आ रहा अपना ‘आशियाना आंदोलन’ समाप्त ही किया था. आंदोलन खत्म होने के दूसरे ही दिन इस नई घटना ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. घटना की सूचना मिलते ही भारी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर एकत्र हो गए. ग्रामीणों का कहना है कि जिस रफ्तार से जमीन धंस रही है, उससे पूरे छाताबाद के अस्तित्व पर ही सवालिया निशान खड़ा हो गया है.
सात अगस्त को हुई थी भीषण तबाही
इससे पहले सात अगस्त को भी छाताबाद में बड़ा भू-धंसान हुआ था, जिसमें देखते ही देखते करीब 20 मकान जमींदोज हो गए थे. घर गंवाने के बाद प्रभावित लोगों ने उचित मुआवजे और सुरक्षित पुनर्वास की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन ‘आशियाना आंदोलन’ शुरू किया था. राज्य के मंत्री हफीजुल हसन की मध्यस्थता में प्रशासन, BCCL और आंदोलनकारियों के बीच हुई त्रिपक्षीय वार्ता के बाद ही इस आंदोलन को स्थगित किया गया था.
दहशत के साए में ग्रामीण
आंदोलन खत्म होते ही दोबारा जमीन धंसने और तालाब का पानी खनन क्षेत्रों में जाने से बड़े हादसे की आशंका बढ़ गई है. BCCL प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली को लेकर ग्रामीणों में गहरा आक्रोश और खौफ है. लोगों की एक ही मांग है कि पूरे इलाके का त्वरित सर्वेक्षण कराया जाए और प्रभावित आबादी को अविलंब सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाए.

