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गुमला: घाघरा में वज्रपात का कहर, दो अलग-अलग गांवों में दो महिलाएं घायल, सदर अस्पताल रेफर

Gumla: घाघरा थाना क्षेत्र में सोमवार दोपहर अचानक मौसम ने करवट ली. तेज हवा और बारिश के बीच हुए वज्रपात की चपेट...

Gumla: घाघरा थाना क्षेत्र में सोमवार दोपहर अचानक मौसम ने करवट ली. तेज हवा और बारिश के बीच हुए वज्रपात की चपेट में आकर दो अलग-अलग गांवों की दो महिलाएं घायल हो गईं. घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई. दोनों घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घाघरा पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए गुमला सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया. घायलों में बंसरी गड़ियां टोली निवासी बुधमनिया उरांव (45 वर्ष) तथा दोदांग गांव निवासी कुंवर देवी (65 वर्ष) शामिल हैं. प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार दोपहर क्षेत्र में अचानक तेज गर्जना के साथ बारिश शुरू हो गई. इसी दौरान कई स्थानों पर वज्रपात की घटनाएं हुईं.

बेहतर इलाज के लिए दोनों पीड़ितों को किया गया गुमला सदर अस्पताल रेफर

बताया जा रहा है कि बुधमनिया उरांव बारिश शुरू होने के बाद अपने मवेशियों को सुरक्षित रखने के लिए घर के अंदर कर रही थीं. इसी दौरान पास में तेज वज्रपात हुआ, जिसकी चपेट में आने से वह गंभीर रूप से घायल हो गईं. घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें तत्काल संभाला और परिजनों को सूचना दी. वहीं दूसरी ओर दोदांग गांव की निवासी कुंवर देवी अपने घर के अंदर बैठी हुई थीं. इसी दौरान जोरदार गर्जना के साथ वज्रपात हुआ. वज्रपात के प्रभाव से उन्हें तेज झटका लगा, जिससे उनकी तबीयत बिगड़ गई और वह घायल हो गईं. घटना के बाद परिवार के लोगों ने उन्हें तुरंत उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया.

दोनों घायलों को परिजनों की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घाघरा लाया गया. यहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार किया. जांच के बाद उनकी स्थिति को देखते हुए बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए दोनों महिलाओं को गुमला सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया.

प्रशासन ने खराब मौसम में लोगों को खुले जगह में न रहने की दी सलाह

घटना के बाद ग्रामीणों ने लोगों से खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है. क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश और वज्रपात की घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने लोगों को खुले मैदान, पेड़ के नीचे और बिजली के खंभों के आसपास खड़े नहीं होने की सलाह दी है.  वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि मानसून के दौरान क्षेत्र में अक्सर वज्रपात की घटनाएं होती रहती हैं, जिससे जान-माल के नुकसान होने की आशंका बनी रहती है. ग्रामीणों ने प्रशासन से मौसम संबंधी चेतावनी का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने और लोगों को जागरूक करने की मांग की है, ताकि ऐसी घटनाओं से बचाव किया जा सके.

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