Hazaribagh: मुहर्रम के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं. अनुमंडल दंडाधिकारी (सदर) आदित्य पांडेय ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू करते हुए रात 10 बजे के बाद किसी भी धार्मिक जुलूस के संचालन पर रोक लगा दी है. यह आदेश 28 जून 2026 की रात 10 बजे तक अथवा जुलूस समाप्ति तक प्रभावी रहेगा. अनुमंडल दंडाधिकारी आदित्य पांडेय द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि मुहर्रम के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना, अफवाह या सांप्रदायिक तनाव की संभावना को रोकने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रतिबंध लगाए गए हैं. आदेश के अनुसार जिला दंडाधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना कोई भी धार्मिक जुलूस नहीं निकाला जा सकेगा. वहीं जुलूसों में डीजे एवं पूर्व रिकॉर्ड किए गए संगीत के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है.
धार्मिक कार्यक्रमों पर भी लगी रोक
प्रशासनिक आदेश के तहत मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा, गिरजाघर सहित सभी धार्मिक स्थलों पर किसी प्रकार की सभा, गोष्ठी, जलसा अथवा धार्मिक कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति नहीं होगी. इसके अलावा रात 10 बजे के बाद किसी भी धार्मिक जुलूस का संचालन प्रतिबंधित रहेगा.

सोशल मीडिया पर रहेगी कड़ी निगरानी
मुहर्रम के दौरान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे व्हाट्सएप, फेसबुक, एक्स (ट्विटर) तथा अन्य डिजिटल माध्यमों पर भड़काऊ, सांप्रदायिक या आपत्तिजनक संदेश, ऑडियो एवं वीडियो प्रसारित करने पर भी रोक लगाई गई है. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्ति के साथ-साथ ग्रुप एडमिन के विरुद्ध भी सुसंगत कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी.
अफवाह फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई
प्रशासन ने सभी प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि किसी भी प्रकार की अफवाह या तनावपूर्ण स्थिति की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई करते हुए वरीय अधिकारियों को अवगत कराएं. त्वरित सूचना तंत्र के माध्यम से हालात पर लगातार नजर रखी जाएगी.
इन पर लागू नहीं होगा आदेश
यह निषेधाज्ञा प्रतिनियुक्त पुलिस बल, सरकारी कर्मचारी, पदाधिकारी, विवाह समारोहों तथा शव यात्रा पर लागू नहीं होगी. प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि मुहर्रम पर्व के दौरान शांति, भाईचारा और आपसी सद्भाव बनाए रखने में सहयोग करें तथा किसी भी प्रकार की अफवाह या भड़काऊ सामग्री से दूर रहें. जिला प्रशासन और पुलिस की ओर से संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी एवं सुरक्षा व्यवस्था की गई है.


