Hazaribagh : शहरवासियों को सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन की पहल पर स्ट्रीट फूड वेंडर्स के लिए विशेष खाद्य सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया.यह कार्यक्रम झारखंड सरकार के स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग, नेस्ले इंडिया और नेशनल एसोसिएशन ऑफ स्ट्रीट वेंडर्स ऑफ इंडिया (NASVI) के संयुक्त तत्वावधान में होटल ए.के. इंटरनेशनल में आयोजित हुआ. कार्यक्रम का उद्घाटन खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी मोहम्मद मंज़र हुसैन, खाद्य सुरक्षा कार्यालय के विकास शर्मा एवं सूरज कुमार ने दीप प्रज्वलित कर किया. इस दौरान खाद्य सुरक्षा से जुड़े विभिन्न मानकों और स्वच्छता संबंधी नियमों की जानकारी दी गई.
दो बैचों में 100 वेंडर्स को मिलेगा प्रशिक्षण
खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी मोहम्मद मंज़र हुसैन ने बताया कि शहर के विभिन्न क्षेत्रों में ठेला और दुकान संचालित करने वाले स्ट्रीट फूड वेंडर्स को तकनीकी रूप से दक्ष बनाने के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है. इसके लिए दो बैच बनाए गए हैं, जिनमें कुल 100 फूड वेंडर्स को शामिल किया गया है. उन्होंने कहा कि स्ट्रीट फूड विक्रेता आम लोगों को सुलभ और किफायती भोजन उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. हालांकि जागरूकता और तकनीकी जानकारी के अभाव में कई बार खाद्य स्वच्छता से जुड़ी कमियां रह जाती हैं. ऐसे में यह प्रशिक्षण उन्हें खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप कार्य करने में मदद करेगा.
असुरक्षित भोजन से बढ़ता है बीमारी का खतरा
प्रशिक्षण के दौरान वेंडर्स को बताया गया कि खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण और परोसने में थोड़ी सी लापरवाही भी लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकती है. असुरक्षित भोजन से पेट संबंधी बीमारियों सहित कई संक्रामक रोग फैलने का खतरा रहता है. अधिकारियों ने वेंडर्स को व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने, कार्यस्थल को साफ रखने तथा भोजन तैयार करते समय एप्रन, ग्लव्स और हेयर कवर का उपयोग अनिवार्य रूप से करने की सलाह दी.
उपभोक्ताओं का विश्वास बढ़ाने पर जोर
विशेषज्ञों ने कहा कि वर्तमान समय में ग्राहक केवल स्वाद ही नहीं, बल्कि भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता को भी प्राथमिकता देते हैं. इसलिए खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन कर वेंडर्स ग्राहकों का विश्वास जीत सकते हैं और अपने व्यवसाय को भी मजबूत बना सकते हैं. एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (FSSAI), स्वच्छ खाद्य प्रबंधन, सुरक्षित भंडारण व्यवस्था, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखने के तरीके और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य अधिकारों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया.
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