Hazaribagh: राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) का आयोजन रविवार को हजारीबाग के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और अभूतपूर्व चौकसी के बीच शुरू हो गया. सुबह की पहली किरण के साथ ही परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों की भारी भीड़ जुटने लगी थी. इस बार परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए सुरक्षा के ऐसे पुख्ता इंतजाम किए गए हैं कि परिंदा भी पर न मार सके. केंद्रों के मुख्य द्वार पर ही परीक्षार्थियों की सघन जांच मेटल डिटेक्टर और बायोमेट्रिक सत्यापन की गई. इसके बाद ही उन्हें अंदर जाने की अनुमति मिली.
हजारीबाग पर क्यों टिकी है पूरे देश की नजर? जानिए इसके पीछे की बड़ी वजह
इस बार NEET की री-एग्जाम परीक्षा को लेकर न सिर्फ झारखंड, बल्कि पूरे देश की निगाहें हजारीबाग पर टिकी हुई हैं. इसके पीछे की वजह दो साल पुराना वो काला इतिहास है जिसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था. दरअसल, दो वर्ष पहले आयोजित नीट परीक्षा के दौरान देशव्यापी प्रश्नपत्र लीक मामले में हजारीबाग का नाम मुख्य केंद्र के रूप में सामने आया था. उस वक्त शहर के एक निजी स्कूल और उसके प्राचार्य पर पेपर लीक कराने का गंभीर आरोप लगा था, जिसके बाद केंद्रीय जांच एजेंसियों की एंट्री हुई थी और हजारीबाग से दो लोगों की गिरफ्तारी भी की गई थी. इस बड़ी बदनामी के बाद हजारीबाग राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आ गया था.
अतीत के ‘दाग’ से सबक: प्रशासन और परीक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर
उसी पुराने दाग और कड़वे अनुभव को देखते हुए इस बार जिला प्रशासन, पुलिस महकमा और परीक्षा एजेंसियां कोई रिस्क नहीं लेना चाहती. परीक्षा केंद्रों को पूरी तरह से छावनी में तब्दील कर दिया गया है. चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल की तैनाती है, सीसीटीवी कैमरों से लाइव निगरानी की जा रही है और जैमर व बायोमेट्रिक अटेंडेंस जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का सहारा लिया जा रहा है. खास बात यह है कि इस बार परीक्षा के सफल संचालन और व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने में स्थानीय युवाओं की टोली भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है, जो शहर की छवि को सुधारने की एक अच्छी पहल है.
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अब तक शांतिपूर्ण माहौल, अधिकारियों को सफल आयोजन की उम्मीद
प्रशासनिक अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, सभी केंद्रों पर परीक्षा पूरी तरह सुचारू, शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से चल रही है. केंद्रों के बाहर मुस्तैद अधिकारियों ने बताया कि अभी तक कहीं से भी किसी व्यवधान या अव्यवस्था की कोई शिकायत नहीं आई है. दूर-दराज से आए परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों ने भी इस बार की कड़ी सुरक्षा और पारदर्शी व्यवस्थाओं पर संतोष जताया है. प्रशासन को पूरी उम्मीद है कि यह परीक्षा बिना किसी गड़बड़ी के सफलतापूर्वक संपन्न होगी और हजारीबाग इस बार देश के सामने बेहतर और साफ-सुथरे परीक्षा प्रबंधन की एक नई मिसाल पेश करेगा.


