Hazaribagh: विष्णुगढ़-हजारीबाग मुख्य मार्ग स्थित आठमील के समीप मंगलवार को करीब दो दशक पुराने भूमि विवाद का न्यायालय के आदेश के बाद प्रशासनिक कार्रवाई के साथ निपटारा हुआ. प्रशासन ने जेसीबी की मदद से सड़क किनारे स्थित 52 डिसमिल जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया. कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा.

2004 से चल रहा था भूमि विवाद
जानकारी के अनुसार, जमीन को लेकर वर्ष 2004 से कारु साव बनाम मल्लू साव समेत 12 अन्य लोगों के बीच न्यायालय में विवाद चल रहा था. मामले में हजारीबाग न्यायालय ने कारु साव के पक्ष में डिग्री पारित की. न्यायालय के आदेश के अनुपालन के लिए विष्णुगढ़ के अंचलाधिकारी नित्यानंद दास को मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया. मंगलवार को उनकी मौजूदगी में प्रशासनिक टीम ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की.
महिलाओं के विरोध के बीच तीन मकान ध्वस्त
अतिक्रमण हटाने पहुंची टीम को मौके पर महिलाओं के विरोध का सामना करना पड़ा. महिलाओं ने कार्रवाई का विरोध किया, लेकिन प्रशासन और पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित रखते हुए न्यायालय के आदेश के अनुसार कार्रवाई जारी रखी.जेसीबी की मदद से अतिक्रमित जमीन पर बने दो ढलाई वाले मकान और एक कॉर्किट सीट वाले मकान को ध्वस्त किया गया. कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए, जिससे कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति बनी रही. हालांकि, पुलिस की मौजूदगी में स्थिति नियंत्रण में रही.
कमरे में बंद मिलीं छह महिलाएं
अतिक्रमण हटाने के दौरान उस समय स्थिति असहज हो गई, जब छह महिलाएं एक कमरे के अंदर बंद मिलीं. प्रशासन और पुलिसकर्मियों ने कमरे का शटर तोड़कर सभी महिलाओं को सुरक्षित बाहर निकाला. इसके बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई आगे बढ़ाई गई.
बड़ी संख्या में पुलिस बल रहा तैनात
पूरी कार्रवाई के दौरान न्यायालय द्वारा नियुक्त अधिवक्ता धनेश्वर ठाकुर, मजिस्ट्रेट सह अंचलाधिकारी नित्यानंद दास, SI आशीष कुमार सिंह, SI दशरथ महतो, SI ग्लेडियस बरजो समेत बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौजूद रहे. अधिकारियों ने मौके पर रहकर कार्रवाई की निगरानी की और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रखा.

