Hazaribagh: पूर्व मंत्री योगेंद्र साव से जुड़े सरकारी भूमि विवाद में प्रशासनिक कार्रवाई तेज हो गई है. हजारीबाग खास महाल क्षेत्र की 50 डिसमिल सरकारी भूमि के पुनर्ग्रहण का प्रस्ताव अब झारखंड सरकार के राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग को भेज दिया गया है. मामले में अब आगे की कार्रवाई राज्य सरकार के स्तर पर होगी.
आयुक्त कार्यालय ने सरकार को भेजा प्रस्ताव
उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल के आयुक्त कार्यालय ने 17 जून 2025 को जारी पत्र के माध्यम से उपायुक्त, हजारीबाग की अनुशंसा सहित भूमि पुनर्ग्रहण से संबंधित प्रस्ताव राज्य सरकार को अग्रेतर कार्रवाई के लिए भेजा है.
50 डिसमिल भूमि को लेकर कार्रवाई
प्रस्ताव में हजारीबाग खास महाल क्षेत्र के मौजा-कैन्टोनमेंट, थाना संख्या-157 स्थित भवन पट्टा होल्डिंग संख्या-302 की कुल 0.50 एकड़ (50 डिसमिल) भूमि शामिल है. इसमें प्लॉट संख्या 872/1235 (0.25 एकड़), 873/1336 (0.15 एकड़) और 893/1337 (0.10 एकड़) का उल्लेख किया गया है.
सरकारी जमीन विवाद से जुड़ा मामला
यह मामला पूर्व मंत्री योगेंद्र साव पर सरकारी जमीन पर कथित अतिक्रमण के आरोपों से जुड़ा है. प्रशासन की ओर से पहले भी संबंधित भूमि को लेकर आपत्तियां दर्ज की जाती रही हैं. अब पुनर्ग्रहण का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजे जाने के बाद इस मामले में आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं.
सरकार के फैसले पर टिकी निगाहें
अब यह प्रस्ताव राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग के विचाराधीन है. ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि विवादित भूमि के पुनर्ग्रहण और मामले में आगे क्या प्रशासनिक निर्णय लिया जाता है.
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