Hazaribagh : डुमरी विधायक जयराम महतो के समर्थन में बरकट्ठा विधायक अमित यादव खुलकर सामने आए हैं. विधायक अमित यादव ने कहा कि जनप्रतिनिधि जनता की आवाज होते हैं और पुलिसिया तानाशाही और भ्रष्टाचार के खिलाफ जयराम महतो के साथ वे मजबूती से खड़े हैं. उन्होंने हाल ही में जयराम महतो से जुड़े ऑडियो को पुलिस-प्रशासन द्वारा रिकॉर्ड कर सार्वजनिक किए जाने के कथित कृत्य को शर्मनाक बताते हुए इसे प्रशासनिक मर्यादा का घोर उल्लंघन बताया.

जयराम महतो का आक्रोश जायज
विधायक अमित यादव ने कहा कि जनप्रतिनिधि होने के नाते वे इस पूरे मामले में जयराम महतो के साथ हैं. उन्होंने कहा कि पुलिस एसोसिएशन के दबाव में जयराम महतो को किसी भी सूरत में माफी मांगने की आवश्यकता नहीं है. उनका आक्रोश पूरी तरह जायज है. अमित यादव ने कहा कि गरीब, असहाय और आम नागरिक जब थानों या प्रखंड कार्यालयों में न्याय नहीं मिलने पर जनप्रतिनिधियों के पास पहुंचते हैं, तो उनकी समस्याओं के समाधान के लिए विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि संबंधित अधिकारियों से बात करते हैं. ऐसे में यदि पुलिस अधिकारी जनप्रतिनिधियों की बात अनसुनी करने के साथ बदसलूकी करें, तो आक्रोश होना स्वाभाविक है.
थानों में आम लोगों से बदसलूकी का आरोप
विधायक ने आरोप लगाया कि हेमंत सोरेन सरकार में पुलिस-प्रशासन पूरी तरह बेलगाम हो चुका है. थानों और घरों में आम जनता, महिलाओं और बुजुर्गों के साथ गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं. उन्होंने कहा कि आम नागरिकों के सम्मान और उनकी शिकायतों को गंभीरता से लेना पुलिस-प्रशासन की जिम्मेदारी है.
अवैध वसूली पर भी उठाए सवाल
अमित यादव ने पुलिस पर अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस का ध्यान अपराध और हत्या रोकने के बजाय बालू लदे वाहनों, गरीब ठेले-खोमचे वालों, सब्जी विक्रेताओं और रिक्शा चालकों से कथित अवैध वसूली पर केंद्रित हो गया है. उन्होंने सरकार से ऐसे मामलों की गंभीरता से जांच कराने की मांग की. विधायक अमित यादव ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से आग्रह किया कि विधायकों को डराने के बजाय भ्रष्ट और उदंड पदाधिकारियों के खिलाफ तत्काल कठोर कार्रवाई की जाए. उन्होंने कहा कि जनता के सम्मान और जनप्रतिनिधियों के अधिकारों की यह लड़ाई जारी रहेगी.
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